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नंद घर आनंद भयौ जै कन्हैया लाल की…

– जन्माष्टमी के दूसरे दिन ब्रज में चहुंओर नंदोत्सव की धूम, अपने अराध्य के दर्शनों के लिए लालायित दिखे भक्त

डॉ. कमलकान्त उपमन्यु / मथुरा

नंद घर आनंद भयौ जै कन्हैया लाल की… गूंज कन्हैया की नगरी में चहुंओर गूंज रही है। नंदोत्सव का यह उत्सव नंदगांव के साथ मथुरा, वृंदावन, गोकुल, महावन, गोवर्धन आदि प्रमुख मंदिरों सहित चहुंओर नजर आ रहा है। श्रद्धालु नंदभवन की ओर खिचे चले आ रहे हैं। लल्ला के स्वागत में मंगलगीत एवं बधाइयों का क्रम लगातार जारी है।
श्रीकृष्ण का जन्म होते ही समूचा ब्रज भक्तिमय हो गया। मथुरा-वृंदावन, गोकुल, नंदगांव, गोवर्धन, बरसाना आदि मंदिरों और घर-घर में शुक्रवार को नंदोत्सव की धूम मची रही। कहीं लल्ला के स्वागत में गीत गाए जा रहे हैं तो कहीं छीछी का प्रसाद श्रद्धालुओं को लुटाया जा रहा है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु अपने अराध्य की आस्था के इस समुद्र में डुबकी लगा रहे हैं।
ठाकुरजी ने पालकी में सवार हो श्रद्धालुओं को दिए दर्शन
गोकुल में नंद किला नंद बाबा के मंदिर से ठाकुरजी पालकी में सवार होकर भक्तगणों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। गोकुल के विभिन्न बाजारों में होते हुए शोभायात्रा नंद चौक स्थित रास चबूतरा पहुंची। यहां श्रीकृष्ण को पालने में झुलाया गया। इसके बाद गाय के दूध की दही में केसर व हल्दी मिश्रित कर सभी श्रद्धालुओं पर छिड़काव किया गया। ब्रजवासी इसको ही लाला की छीछी भी कहते हैं।
श्रद्धालुओं को लुटाए गए वस्त्र, फल, मेवा व मिठाई
इसके बाद द्वारिकाधीश सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा वस्त्र, फल, मिठाई, मेवा, रुपए, पैसा, श्रृंगार सामग्री, मोती और चांदी के जेवरों की वर्षा की गई। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पारंपरिक भजनों पर श्रद्धालु झूमते-गाते खुशी मना रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं पर उपहारों और भगवत-प्रसाद की शुक्रवार सुबह वर्षा की गई।
बांके बिहारी मंदिर में भी दिखाई दिया मनोहारी दृश्य
बांके बिहारी मंदिर में भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। नंदोत्सव के दौरान बधाई गायन और भजन गाए गए। भजन गायकों और भक्तों की टोली अपने आराध्य के अवतरण की प्रसन्नता में भाव-विभोर है और सड़कों पर राधे-कृष्णा का जप करते हुए भ्रमणशील है। भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में ब्रज भूमि उत्साहित है और गा रही हैं- नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की।
बांके बिहारी मंदिर में हुई मंगला आरती
विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भगवान के जन्म के बाद मंगला आरती की गई। यहां वर्ष में केवल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ही मंगला आरती की जाती है। रात 2 बजे होने वाली मंगला आरती के दर्शनों के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्त अपने आराध्य की एक झलक पाने को आतुर नजर आए।
कई किलोमीटर तक लगी लाइन
भगवान बांके बिहारी जी के जन्म के बाद उनकी एक झलक पाने को भक्त आतुर नजर आए। दर्शनों के लिए आलम यह था कि लगाई गई रैलिंग में कई किलोमीटर तक भक्तों की लाइन लग गई। भक्त रात 9 बजे से ही लाइन में लग गए। करीब 5 घंटे तक इंतजार करने के बाद भक्तों के लिए पट खोले गए।
मंदिर के पुजारियों ने दी बधाई
मंगला आरती के बाद शुरू हुआ बधाई देने का दौर। मंदिर के पुजारियों ने पहले भगवान के आगे चांदी से बना झुनझुना बजाया और फिर बधाई बांटना शुरू किया। पुजारियों ने भक्तों को बधाई स्वरूप रुपए वितरित किए। इस दौरान टॉफी, फल आदि भी लुटाए गए।
दर्शनों के लिए लालायित नजर आए भक्त
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में भगवान सोने की पालकी में विराजमान होकर माखन खाते हुए दामोदर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देने निकले। निज मंदिर से परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ निकली भगवान की सवारी के दर्शन करने के लिए भक्त लालायित नजर आए।
भक्तों ने लूटे उपहार
भगवान के दामोदर स्वरूप में निकली सवारी के दौरान भक्तों को उपहार लुटाए गए। भगवान के खजाने से लाई गई मुद्रा स्वरूप सिक्के, वस्त्र, खिलौना आदि सामान भक्तों को लुटाए गए। मंदिर परिसर कान्हा के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और भक्त कहने लगे नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हाथी दीने घोड़ा दिने और दीनी पालकी।

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