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नाथ थे, अब दास हो गए. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ली बागी विधायकों की जमकर खबर

सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना भवन में कल हुई शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शिवसेनापक्षप्रमुख व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बागी विधायकों की जमकर खबर ली। एकनाथ शिंदे में उत्पन्न हुई मुख्यमंत्री पद की लालसा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मुद्दे पर भाजपा खफा हो गई थी। परंतु भाजपा के साथ ढाई साल मुख्यमंत्री पद का तय हुआ। भाजपा द्वारा वचन तोड़ने के कारण महाविकास आघाड़ी की सरकार स्थापित करके मुझे मुख्यमंत्री बनना पड़ा। अन्यथा ढाई साल में कदाचित एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बन गए होते। पहले आप नाथ थे लेकिन वचन तोड़कर जिन्होंने आपका मुख्यमंत्री पद छीना अब उन्हीं के आप चरणदास बन गए हो, ऐसा तंज भी उन्होंने कसा।

भाजपा के प्रसूतिगृह में लोकतंत्र का पालना
महाविकास आघाड़ी के बागी व भाजपा पर निशाना साधने की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि हमने जब आघाड़ी की स्थापना की तब हमने लोकतंत्र का खून किया, ऐसा आरोप भाजपा ने लगाया। परंतु अब उनके प्रसूतिगृह में लोकतंत्र का नया पालना झूल रहा है और नए शिशु का जन्म हो रहा है। लेकिन हमने महाविकास आघाड़ी क्यों और वैâसे बनाई ये सभी को पता है।

जन्मदात्री को निगलने जा रही औलादें
शिवसेना नेता-सांसद संजय राऊत ने अपने भाषण में बागी विधायक मतलब मां की पीठ पर वार करनेवाली औलाद है, ऐसा कहा था। इसका उल्लेख करने के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि उस मां की पीठ पर वार करनेवाली नहीं, बल्कि जन्मदात्री को निगलने का प्रयास करनेवाली औलादें हैं। जन्म देने, बच्चे के बड़ा होने के दौरान माता-पिता अपार कष्ट सहते हैं। बच्चों के बड़े होने से उन्हें आनंद होता है, परंतु ये बागी मां को ही निगलने जा रहे हैं, ऐसे शब्दों में उन्होंने खबर ली।

निष्ठा और नीतिमत्ता
बागी विधायकों की आलोचना करने के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाबलेश्वर की शिवसेना की कार्यकारिणी की सभा का उदाहरण दिया। उस कार्यकारिणी में उद्धव ठाकरे की शिवसेनापक्षप्रमुख के पद पर नियुक्ति हुई थी। उसकी याद पर रोशनी डालने के दौरान उन्होंने कहा कि शिवसेनापक्षप्रमुख पद पर नियुक्ति रोकने का निवेदन मैंने उस समय शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे से किया था, परंतु मैं इसमें हस्तक्षेप नहीं करूंगा, ऐसा उन्होंने स्पष्ट कर दिया। मेरी नियुक्ति का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद उद्धव ठाकरे की नियुक्ति मंजूर है क्या, ऐसा सवाल शिवसेनाप्रमुख ने पूछा था। उद्धव ठाकरे को आप पर लादा गया होगा तो उन्हें हटाता हूं, ऐसे शब्दों में शिवसेनाप्रमुख ने रोखठोक भूमिका व्यक्त की थी। आज भी मैं आपसे वही सवाल पूछता हूं।

शिवसेनापक्षप्रमुख की जिम्मेदारी
शिवसेनापक्षप्रमुख पद की जिम्मेदारी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि घर में पिता व पुत्र के रूप में हमारा नाता अलग था, परंतु उस समय मैंने शिवसेना के कार्य में कोताही की होती तो उन्होंने मुझे घर से बाहर निकाल दिया होता। बेटे के रूप में मैं तुम्हें घर में प्यार करता हूं परंतु शिवसेना में गड़बड़ करोगे तो तुम शिवसेना में रहने के लायक नहीं, ऐसा शिवसेनाप्रमुख ने कहा होता। लेकिन आज वह जिम्मेदारी आपकी है, ऐसा उन्होंने कहा। इस पर अधिक टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मैं बालासाहेब का पुत्र हूं इसलिए शिवसेना का मालिक नहीं, आप ही मालिक हो। परंतु मुझसे कोई व्यक्ति शिवसेना को अच्छी तरह चला सकता है तो मुझे क्या करना चाहिए, ऐसा पूछते ही उपस्थित शिवसेना पदाधिकारी व शिवसैनिकों में खलबली मच गई। शिवसैनिकों में मची इस खलबली को ध्यान में रखते हुए मैं कहीं नहीं जा रहा हूं, ऐसा कहते ही उपस्थित शिवसैनिकों ने राहत महसूस की।

शिवसेना ने वचन दिया था
मुख्यमंत्री पद के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेनाप्रमुख की मदद करने के लिए मैं इस क्षेत्र में आया। उनका स्वास्थ्य गिर रहा था, उस दौरान मैंने उनका हाथ अपने हाथ में लिया और शिवसैनिक को मुख्यमंत्री बनाता हूं, ऐसा वचन दिया था। शिवसेनाप्रमुख को जो वचन दिया था उसे व्यर्थ नहीं गंवाना था। इसलिए अमित शाह से ढाई वर्ष मुख्यमंत्री पद का करार करने का सुझाव दिया था। परंतु जिसके विधायक अधिक उसका मुख्यमंत्री, ऐसा अमित शाह ने कहा। लेकिन हमें उम्मीदवार को गिराना नहीं था, परंतु भाजपा ने वचन का पालन नहीं किया इसलिए महाविकास आघाड़ी की स्थापना की।

तो भाजपा में जाना होगा
मैं जीवन में किसी का बुरा नहीं चाहता हूं। भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री बनाती होगी तो पद ले लें। मैं तो ‘वर्षा’ बंगला छोड़कर आ गया हूं। परंतु इसके लिए उन्हें बच्चू कड़ू के प्रहार संगठन में जाना होगा अथवा प्रदक्षिणा करते हुए भाजपा में जाना होगा।

बागियों के सामने पेच
बागियों द्वारा शिवसेना के चिह्न पर दावा करने की साजिश रचे जाने की बात कही जा रही है। इस पर उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर शिवसेना पार्टी चुराई नहीं जा सकती है। यह मैं भावनात्मक नहीं बल्कि कानूनी आधार पर बोल रहा हूं। इसलिए उनके समक्ष बड़ा पेच निर्माण हो गया है। अब कुछ विधायक कह रहे हैं कि हम शिवसेना में ही रहेंगे। लेकिन कहां गुवाहाटी में रहोगे क्या? ऐसा सवाल पूछते ही सभागृह ठहाकों से गूंज उठा।

वहां गर्दन पकड़ते हैं
गुवाहाटी हवाई अड्डे पर उतरते ही बागी विधायकों के गर्दन पकड़कर ले जाने का दृश्य टीवी पर देखा, ऐसा कहकर उन्होंने कहा कि जैसे किसी चोर, डाकू को ले जाते हैं, वैसे इन विधायकों को ले जाया जा रहा है, परंतु यहां सम्मान मिलता है, वहां गर्दन पकड़कर ले जाया जाता है।

लात मारने की ताकत
बागी विधायकों ने किस तरह से मौके का फायदा उठाया इसका पुनरोच्चार करते हुए उन्होंने कहा कि दो साल के कोरोना काल के बाद राज्य में कामकाज की शुरुआत हुई, परंतु दिवाली में मेरी गर्दन का ऑपरेशन हुआ, जिसके बाद मैं किसी से मिल नहीं पाया। उसी दौरान उन्होंने नमकहरामी की। उन्हें लगा कि मैं दोबारा खड़ा नहीं होऊंगा। परंतु बगावत के कारण मैं फिर खड़ा हो गया और लात मारने की ताकत आई है, ऐसा कहते ही तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

हिंदुत्व की हत्यारी है भाजपा
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिवसेना ने भाजपा के साथ कभी भी घात करने का विचार नहीं किया। हिंदू एक साथ करने के लिए कष्ट करना पड़ता है। अब हिंदू एक साथ आने पर भाजपा हिंदुत्व को फोड़ने के लिए निकली है। ये लोग हिंदुत्व के हत्यारे हैं। शिवसेना को देश के राज्यों की राजनीति से अलग करो, फिर देखो क्या होता है। १९९२-९३ के दंगे में हरे संकट को अपने अंग पर झेलनेवाले शिवसैनिक थे। श्रीकृष्ण आयोग रिपोर्ट के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं पर कितने मामले दर्ज हुए और शिवसैनिक कितने फंसे यह जांचो। ये शिवसेनाप्रमुख की शिवसेना नहीं तो किसकी है? ऐसा सवाल भी उन्होंने किया।

शिवसैनिक अग्निपथ पर चलते हैं
सेना के अग्निपथ योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवसैनिक अग्निपथ पर चलते हैं। शिवसैनिक अंगारों पर चलनेवाले और अंगार हैं। उन पर पैर रखने का प्रयास करोगे तो पैर जल जाएंगे। अब यही समय आ गया है

राज्यसभा-विधानपरिषद में गद्दारी
बागी विधायकों की गद्दारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यसभा व विधानपरिषद में गद्दारी की। अब बागी विधायक कहते हैं कि हमें निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता। तुम कहो और मैं निर्णय लूं, यह निर्णय प्रक्रिया मुझे मंजूर नहीं। तुम कहो और मैं सुनूं, ऐसा नहीं होगा। तुम मतलब शिवसैनिक और बाकी के कोई भी नहीं, ऐसा नहीं होता।

नए को मौका
चार-पांच बार बने विधायक अब गुवाहाटी गए हैं। बागी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र के नए लोगों के लिए यह सुनहरा मौका है। उनका रास्ता साफ हो गया। सड़े हुए पत्ते झड़ने ही चाहिए। हम नए लोगों को लाएंगे, ऐसा निर्धार भी उन्होंने व्यक्त किया।

सभी स्तर पर संघर्ष
वर्तमान में शुरू संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष कोर्ट में, विधानभवन में और जनता में शुरू है। यह शिवसेनाप्रमुख की शिवसेना है। जनता के मन का विश्वास नहीं मिटाया जा सकता है। इन कड़े शब्दों में उद्धव ठाकरे ने चेताया है।

शिवसेना को समाप्त नहीं किया जा सकता
शिवसेना के विधायकों को तोड़ने के भाजपा के कृत्य पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह भाजपा के सड़े हुए दिमाग का प्रकार है। जिनकी हिम्मत नहीं ऐसे लोगों को लेकर शिवसेना को समाप्त करने की साजिश है। शिवसेना में सिर्फ फूट ही नहीं, बल्कि शिवसेना समाप्त करने की भाजपा की साजिश है। २०१४ में भाजपा अकेले लड़ी, तब हम उन पर भारी पड़े।

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