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पुतिन के फैसले से थर्राया ‘नाटो’… सर्वनाश की डरा रही चिंता! यूक्रेन ने भी दिया बड़ा बयान

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
नाटो ने चेतावनी दी है कि रूस अपने ‘सर्वनाश के हथियार’ पोसाइडन को तैनात करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने अपने सदस्यों को चेतावनी दी है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन परमाणु हथियार पोसाइडन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बीते सप्ताह के अंत में नाटो ने एक चेतावनी नोट जारी किया था जो मीडिया में लीक हो गया था। नोट के अनुसार रूस का खतरनाक पोसाइडन हथियार आर्कटिक सर्कल में अपने बेस से कारा सागर की ओर जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार रूस की विशाल परमाणु पनडुब्बी बेलगोरोड आर्कटिक  सर्कल में अपनी जगह से गायब है। इस बारे में रूस के हमलों का सामना कर रहे यूक्रेन ने मीडिया पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है। साथ ही अफवाहों को न फैलाने का आग्रह किया। यूक्रेन ने सूचना हेरफेर का आरोप लगाते हुए कहा कि नाटो वेबसाइट पर ऐसी कोई चेतावनी प्रकाशित नहीं की गई है। मीडिया द्वारा इस तरह के निराधार बयान केवल रूसी संघ के सूचना आतंकवाद को तेज करते हैं। यह एक ‘इंटरकांटिनेंटल न्यूक्लियर-पावर्ड न्यूक्लियर-आम्र्ड ऑटोनॉमस टॉरपीडो’ है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह पानी के भीतर बड़ी दूरी की यात्रा करने में सक्षम है। पोसाइडन का विस्फोट १,६०० फीट की परमाणु सुनामी को ट्रिगर कर सकता है, जिससे तटीय शहरों को डुबाने के लिए डिजाइन किया गया है।
परमाणु बम से १३० गुना अधिक
नेक्स्ट जेनरेशन के इस हथियार की घोषणा रूसी राष्ट्रपति द्वारा २०१८ में की गई थी। रूसी मीडिया के अनुसार प्रलय के दिन का हथियार पानी के नीचे ६,००० मील तक की यात्रा कर सकता है। यह दो मेगाटन का विस्फोट पैक करता है। यह ‘लिटिल बॉय’ के परमाणु विस्फोट से १३० गुना अधिक है। ‘लिटिल बॉय’ परमाणु बम ने अगस्त १९४५ में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान में हिरोशिमा को तबाह कर दिया था।
नहीं हुआ पोसाइडन परीक्षण
रिपोर्ट के अनुसार परमाणु हथियारों के परीक्षण पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के कारण रूस द्वार पोसाइडन हथियार का परीक्षण कभी नहीं किया गया है। यदि रूस अभी इसका परीक्षण करता है, तो यह राष्ट्र द्वारा एक अत्यधिक ‘उत्तेजक’ कदम होगा।

 

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