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सत्ताधारी बेंच पर नवाब मलिक : सुबह किसी के साथ, शाम किसी और के साथ!

-दानवे के धमाके के बाद फडणवीस का यू-टर्न

सामना संवाददाता / नागपुर

भाजपा की तरफ से जिस नवाब मलिक पर लगातार देशद्रोह का आरोप लगाया गया, वही मलिक कल विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में सत्ताधारी बेंच पर बैठे नजर आए। इसे लेकर विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने कहा कि ‘देशद्रोहियों की जांघ से जांघ सटाकर हम नहीं बैठ सकते’, ऐसा कहनेवाले आज उनके साथ कैसे? इस पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की जांघ से जांघ सटाकर बैठा हूं। ऐसा कहकर उन्होंने मलिक का समर्थन किया। सदन में दानवे के इस जोरदार तरीके से मुद्दा उठाए जाने के बाद फडणवीस ने आखिरकार शाम को ‘मलिक को साथ में न लें’, इस तरह का पत्र अजीत पवार को भेजते हुए यू-टर्न ले लिया। इसके बाद विधानमंडल के गलियारे में मलिक को लेकर इस तरह की चर्चा होने लगी कि वे सुबह किसी और के साथ और शाम किसी और के साथ होते हैं।
कल मलिक मामले पर विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने इस मुद्दे को जैसे ही उठाया, उसी समय गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस तिलमिला उठे और इसे लेकर विधान परिषद में जुबानी जंग भी हुई। इसके अलावा सत्ता दल के मंत्री और विधायकों ने सदन की कार्यवाही में हंगामा करने की कोशिश भी की। हालांकि, उन्हें भी दानवे ने सीधे-सीधे जबाव दिया। विधान परिषद में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के मुद्दे पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने शेड नेट और पशुधन बीमा की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद दानवे ने तुरंत नवाब मलिक का जिक्र किए बिना उनका मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देशद्रोह का आरोपी एक सदस्य विधान सभा में सरकारी बेंच पर बैठा, जिसे लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री लगातार विरोधी रुख अपनाए हुए थे। दानवे ने कहा कि उन्होंने कहा था कि ‘देशद्रोहियों के साथ हम जांघ से जांघ सटाकर नहीं बैठ सकते हैं’, लेकिन आज वे ही उनके साथ जांघ से जांघ सटाकर बैठे हैं। अंबादास दानवे ने जैसे ही मलिक का मुद्दा उठाया, विधान परिषद की सभापति डॉ. नीलम गोर्‍हे ने कहा कि दूसरे सदन का मामला यहां नहीं उठाया जा सकता। इसके बाद सत्ता दल के मंत्री शंभूराज देसाई और अन्य विधायकों ने भी हंगामा किया। उन्होंने कहा कि दानवे मुद्दे को भटका रहे हैं। उस पर दानवे ने नाराज होकर देसाई से कहा कि तुम मुझे पर बंधन डालने वाले कौन हो? मुझे इस मुद्दे को उठाना है। मुझे इस पर बात करनी है। आप मुझे नहीं रोक सकते। सभापति मुझे बोलेंगी। कुख्यात दाऊद इब्राहिम के साथ क्या डील हुई थी? इस मुद्दे पर सरकार का रुख क्या है, केवल हमारी इतना ही जानने की इच्छा है।
मैं तो सीएम और अजीत दादा के साथ सटकर बैठा हूं! -फडणवीस
इस हंगामे के बाद दानवे के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हम किसी के साथ जांघ से जांघ सटाकर नहीं बैठे हैं। मैं और मुख्यमंत्री एक दूसरे की जांघ से जांघ सटाकर बैठे हैं। हमारे बगल में अजीत पवार जांघ से जांघ सटाकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री छगन भुजबल उनके बगल में बैठे हैं। फडणवीस ने यह भी कहा कि जब मलिक देशद्रोह के आरोप के बाद जेल में थे, तब आपने उन्हें मंत्री पद से क्यों नहीं हटाया?

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