मुख्यपृष्ठसमाचाररेल प्रशासन की लापरवाही उजागर... बिना ड्राइवर के ८० किमी चली मालगाड़ी

रेल प्रशासन की लापरवाही उजागर… बिना ड्राइवर के ८० किमी चली मालगाड़ी

-कठुआ से पंजाब पहुंची, लकड़ी स्टॉपर से रोकी

सुरेश एस डुग्‍गर / जम्मू

कठुआ से मालगाड़ी (१४८०६ आर) बिना ड्राइवर-गार्ड के चलकर पंजाब पहुंच गई। करीब ८० किलोमीटर तक मालगाड़ी ऐसे ही दौड़ती रही। होशियारपुर के ऊंची बस्सी रेलवे स्टेशन पर लकड़ी के स्टॉपर लगाकर उसे रोका गया। घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जांच के आदेश दिए हैं।
कठुआ रेलवे स्टेशन पर रविवार की सुबह उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब यहां पर एक रुकी हुई मालगाड़ी अचानक चल पड़ी। आखिर ये वैâसे हुआ, तो बता दें जहां गाड़ी ठहरी हुई थी, वो ढलान वाला हिस्सा था। मालगाड़ी बिना ड्राइवर के पठानकोट की ओर बढ़ गई। इससे पूरे फिरोजपुर मंडल में हड़कंप मच गया। जम्मू-तवी लाइन के स्टेशनों पर इमरजेंसी हूटर बजने लगे। मालगाड़ी में दो इंजन भी लगे थे। बिना ड्राइवर के ट्रेन चलने की सूचना मिलते ही आननफानन में एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को भी मालगाड़ी के पीछे रवाना किया गया। इसके बाद मालगाड़ी को उच्ची बस्सी में रोका गया। ट्रेन का एक इंजन बंद था और दूसरा इंजन चल रहा था। मालगाड़ी कठुआ से होशियारपुर के ऊंची बस्सी तक ७० किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी। इसकी जानकारी मिलते ही अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, बड़ी जद्दोजहद के बाद अधिकारियों ने मालगाड़ी को रोकने में सफलता हासिल की। जानकारी के मुताबिक, रविवार की सुबह जम्मू के कठुआ रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी खड़ी थी और उसका इंजन चालू था। इसी बीच लोको पायलट इंजन से नीचे उतर गया। इतने में मालगाड़ी बिना लोको पायलट के ही दौड़ने लगी। ढलान के कारण मालगाड़ी पठानकोट की ओर बढ़ गई। अधिकारियों ने ऊंची बस्सी के पास ट्रेन के रुकने पर राहत की सांस ली।

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