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सरकारी अस्पताल की लापरवाही, समय पर नहीं मिला इलाज …तो नर्स ने तोड़ा दम

सामना संवाददाता / मुंबई
सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में नाइट शिफ्ट में डॉक्टरों के मौजूद न होने से ड्यूटी पर तैनात नर्स को समय पर इलाज नहीं मिल सका। उसने इलाज के अभाव में तड़पते हुए प्राण छोड़ दिए। इस घटना से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की नर्सों और कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। इतना ही नहीं, नर्स यूनियनों ने हड़ताल शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, २९ वर्षीय सीमा मेश्राम चंद्रपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में नर्स थी। १६ अगस्त को वह प्रसूति वार्ड में रात्रि ड्यूटी पर थी। इसी दौरान उसे चक्कर आ गया। उसे गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कर दिया गया। लेकिन उस वक्त ड्यूटी पर कोई डॉक्टर नहीं था। अगले दिन सुबह ११ बजे तक सीमा को इलाज नहीं मिला। हालत गंभीर देख परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। इसके बाद शुक्रवार को नर्स को नागपुर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल में कार्यरत रहते हुए भी समय पर इलाज नहीं मिलने से एक नर्स की मौत की घटना से अस्पताल के अन्य कर्मचारियों में आक्रोश है। इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि नाइट ड्यूटी के समय डॉक्टर उपलब्ध क्यों नहीं थे। विशेषज्ञ डॉक्टर कहां गए थे। मौत से जूझ रही नर्स की जांच क्यों नहीं की गई। इन सभी सवालों के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री से इस घटना की जांच कराए जाने की मांग की गई है।

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