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टमाटर भेज रहे नेपाल ने हिंदुस्थान से मांगा चीनी और चावल

•हिंदू पर्व श्रृंखला शुरू होने पर नेपाल में राशन किल्लत की आशंका

विक्रम सिंह / गोरखपुर
महंगाई से जूझ रहे हिंदुस्थान को टमाटर की आपूर्ति करने वाले पड़ोसी देश नेपाल ने आनेवाले हिंदू पर्वों और त्योहारों के मौसम में राशन की किल्लत से आशंकित हो ‘बड़े भाई’ हिंदुस्थान की सरकार से धान, चावल और चीनी की मांग कर डाली है।

नेपाल सरकार के संयुक्त सचिव (वाणिज्य एवं आपूर्ति) रामचंद्र तिवारी ने कहा कि पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय के माध्यम से हिंदुस्थानी अफसरों से १० लाख टन धान, एक लाख टन चावल और ५०,००० टन चीनी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी भी आशंकाएं हैं कि व्यापारी इन सामानों की जमाखोरी कर सकते हैं, जिससे त्योहारी मौसम नजदीक आने पर कीमतें बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि अगर स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया, तो अक्टूबर और नवंबर के बीच होनेवाले नवरात्र, दशहरा-दीपावली-छठ आदि पर्वों और उत्सवों के दौरान नेपाल में चावल और चीनी की कीमतें बढ़ने का खतरा हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गैर-बासमती चावल के निर्यात पर भारत के प्रतिबंध और नेपाल में मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए थोड़े समय के लिए खाद्य संकट हो सकता है।

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट-हिंदुस्थान से आया सर्वाधिक चावल
नेपाल आयातित भोजन पर बहुत अधिक निर्भर है। जो ज्यादातर हिंदुस्थान से है। समाचार पत्र ‘द काठमांडू पोस्ट’ की हाल की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल, २१ से गत २२ मार्च तक नेपाल ने हिंदुस्थान से १४ लाख टन चावल – १३.८ लाख टन गैर-बासमती चावल और १९,००० टन बासमती चावल आयात किया जो सर्वाधिक आयात है।

नेपाली व्यापारियों का कहना है कि हिंदुस्थान के चावल का निर्यात बंद करने के तुरंत बाद खुदरा कीमतें २०० नेपाली रुपया (एनआर) से बढ़कर २५० एनआर प्रति २५ किलोग्राम बैग हो गईं। रिपोर्ट के अनुसार कीमतें खासकर त्योहारी के मौसम के दौरान और बढ़ने की आशंका है। नेपाल ने खाद्यान्न के लिए अनुरोध ये तब किया है जब हिंदुस्थान देश के प्रमुख खरीद केंद्रों में भारी बारिश के बाद कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए नेपाल से टमाटर का आयात कर रहा है।

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