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म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास के स्टैंप ड्यूटी को लेकर बनेगी नई नीति-मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की घोषणा

सामना संवाददाता / मुंबई । महानगर मुंबई में जर्जर ५६ म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार हर विकासकों को स्टैंप ड्यूटी भरने को लेकर सहूलियत देगी। आगामी दिनों में विकासक स्टैंप ड्यूटी एक साथ भरने की बजाय अलग-अलग चरण में जमा कर सकेंगे। इस मामले में सरकार जल्द ही नई नीति बनाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की है। शुक्रवार को मुंबई शहर के विभिन्न मुद्दों को लेकर वर्षा निवास स्थान में आयोजित एक बैठक में मुख्यमंत्री बोल रहे थे।
इस बैठक में उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड, परिवहन मंत्री अनिल परब के साथ सांसद अरविंद सावंत, विधायक सुनील प्रभु, अजय चौधरी, प्रकाश सुर्वे तथा मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव आदि संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस बैठक में राजस्व, वित्त एवं गृह निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में संयुक्त नीति बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनपा म्हाडा कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, इस संबंध में मनपा और म्हाडा के अधिकारियों को मिलकर हल निकालने की जरूरत है और म्हाडा कॉलोनियों के शेष कार्यों को अगले कुछ दिनों में पूरा करने का भी उन्होंने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ५०० वर्ग फुट तक के घरों के प्रॉपर्टी टैक्स को पूरी तरह से माफ कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मौजूदा हालात का जायजा भी लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में ७ से ८ हजार इमारतों को बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) दिए ही विकासक ने फ्लैटधारकों को मकान सौंप दिया है, जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन पर लगाया जानेवाला टैक्स दोगुना हो रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे विकासकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना का कार्य तीन स्थानों वर्ली, एनएम जोशी मार्ग तथा नायगांव में शुरू हो गया है। झोपड़पट्टी पुनर्वास योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए अभय योजना लागू करने पर भी चर्चा हुई।

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