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बिजली भुगतान के लिए जल्द आएगी नई नीति!…११ हजार करोड़ रुपए बिल बकाया

• १८ हजार करोड़ सरकारी विभागों पर बकाया
सामना संवाददाता / मुंबई । राज्य में महावितरण (एमएसईडसीएल) के कार्य को विकेंद्रीकृत करके, कोकण, पुणे, संभाजीनगर, नागपुर में चार क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए गए हैं और महावितरण के अंतर्गत १६ मंडल हैं। महावितरण में ८० हजार कर्मचारी कार्यरत और २ करोड़ ८९ लाख ग्राहक है। जनवरी २०२२ के अंत तक बिजली हाई प्रेशर वैâटेगरी में ४२,२६९ करोड़ रुपए और लो प्रेशर वैâटेगरी में ६६,८१७ करोड़ रुपए का बिजली बकाया है, इसकी वसूली के संबंध में राज्य सरकार ने कृषि बिजली कनेक्शन जोड़ने की नीति पेश की है, जिसमें शामिल किसानों के लिए ५० प्रतिशत बिजली शुल्क तय किया गया है। इसी तरह बिजली बिल का भुगतान करने वाले किसानों के लिए भी विलंब शुल्क माफ कर दिया गया है। हालांकि योजना पर रिस्पांस की कमी के कारण, एक नई योजना शुरू की जाएगी, जो बिजली के बिलों पर पैâसला करेगी। इसी तरह, सिंचाई पर भी एक नीति जल्द ही पेश की जाएगी, ऐसा ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राऊत ने प्रश्नकाल के दौरान आश्वासन दिया। सरकारी विभागों से १८ हजार करोड़ रुपए आना बाकी है, ऐसा भी राऊत ने बताया।

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