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पक्षियों का जूठा फल खाने से हो सकता है निपाह वायरस! …ठाणे जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर 

• डॉक्टरों की सलाह के बिना न लें उपचार
सामना संवाददाता / ठाणे
कोरोना के बाद अब तरह-तरह की वायरल बीमारी सामने आ रही है। हाल ही में निपाह वायरस से होने वाली घातक बीमारी के मामले केरल राज्य में देखने को मिले थे। केरल राज्य में सबसे ज्यादा मरीज निपाह वायरस से पीड़ित पाए गए हैं। इसे ध्यान में रखकर ठाणे जिले में भी जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि पक्षियों का जूठा फल खाने से निपाह वायरस से ग्रसित होने की अधिक संभावना है, वहीं निपाह वायरस के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टरों की सलाह लें और उपचार शुरू करवाएं।
निपाह के लक्षण
प्रारंभिक चरण में निपाह रोग के लक्षणों में बुखार, गंभीर थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, मानसिक स्थिति में बदलाव, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, दस्त शामिल हैं।
लक्षण दिखने पर क्या करें?
यदि किसी भी व्यक्ति को बुखार है और उनमें निपाह से संबंधित लक्षण नजर आते हैं तो फौरन उसकी जांच करवानी चाहिए। निपाह में एनआईवी संक्रमण पाया जाता हैं। एनआईवी संक्रमण के लिए जांच करना महत्वपूर्ण है। निपाह वायरस की रोकथाम और उपचार किसी योग्य चिकित्सक के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए। निपाह वायरस की रोकथाम और उपचार पर उचित सलाह के लिए डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर से संपर्क करने में संकोच न करें।
क्या कहता है प्रशासन?
ठाणे जिला सिविल अस्पताल अधीक्षक डॉ. कैलाश पवार ने बताया कि ‘निपाह’ एक गंभीर बीमारी है। निपाह से आम जनता को बचाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में अलर्ट जारी किया गया है। निपाह के लक्षण नजर आते ही सरकारी अस्पतालों को उसकी जानकारी साझा करने का निर्देश सभी अस्पतालों को दिया गया है।

 

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