मुख्यपृष्ठटॉप समाचार२०१४ में जो हुआ, वो २०२४ में नहीं होगा! ...सीएम बनते ही...

२०१४ में जो हुआ, वो २०२४ में नहीं होगा! …सीएम बनते ही नीतीश ने की भविष्यवाणी

कुछ लोगों को लगता है कि विपक्ष खत्म हो जाएगा। हम भी तो विपक्ष में ही आ गए हैं’
सामना संवाददाता / पटना
नीतीश कुमार ने कल एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। उन्होंने अपने सहयोगी रहे भाजपा का साथ छोड़कर एक बार फिर लालू की पार्टी राजद का हाथ थाम लिया है। शपथ लेते ही नीतीश ने भाजपा को लेकर भविष्यवाणी कर डाली है। नीतीश ने पीएम नरेंद्र मोदी का बिना नाम लिए कहा कि २०१४ में जो हुआ, वह २०२४ में नहीं होगा। हम रहें या न रहें, वो २०२४ में नहीं रह जाएंगे। नीतीश ने भाजपा संग गठबंधन तोड़ने पर खुलकर बात की।

नीतीश ने कहा कि बीते डेढ़ महीने से हम कोई बातचीत नहीं कर रहे थे, जो हो रहा था, वह गलत था। २०२० के चुनाव में जेडीयू के साथ क्या बर्ताव हुआ था? हमारा भाजपा के साथ जाने से नुकसान हुआ था। नीतीश ने कहा कि हमारी पार्टी के सब लोग बोलते रहे कि भाजपा को छोड़ दिया जाए। इसलिए हमने यह पैâसला लिया था। पीएम पद की दावेदारी को लेकर कहा कि यह सब छोड़ दीजिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि विपक्ष खत्म हो जाएगा। हम भी तो विपक्ष में ही आ गए हैं। देश भर में घूमकर विपक्ष को मजबूत करने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि हम आगे सब कुछ करेंगे। हम चाहेंगे कि पूरा विपक्ष एक होकर आगे बढ़े और प्लान तैयार करे। इन लोगों को २०१४ में बहुमत मिला था, लेकिन अब तो २०२४ आ रहा है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने उनको सपोर्ट किया, लेकिन उनकी तरफ से जेडीयू को ही खत्म करने की कोशिश की गई। इसीलिए हम पुरानी जगह पर चले गए। वाजपेयी और मोदी के बीच अंतर को लेकर पूछने पर नीतीश कुमार ने कहा कि वह तो बहुत प्रेम करते थे। उसे हम भूल नहीं सकते हैं। उस समय की बात ही दूसरी थी।

अटल जी और उस वक्त के लोगों का जो प्रेम था, उसे भूला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पर कुछ नहीं कहना है। हमने एक आदमी दिया था, वह तो उनका ही हो गया। यह बात कहकर उन्होंने सीधे तौर पर आरसीपी सिंह पर निशाना साध दिया। तेजस्वी यादव ने भी शपथ के बाद कहा कि हम नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार को आगे ले जाएंगे। हम जल्दी ही नौजवानों के लिए रोजगार पर कुछ करेंगे। भाजपा के धरने पर बैठने को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके बारे में हम क्या कहें। बैठे रहने दो। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया गया। उनकी ही सरकार है, दिल्ली में ही धरना दें और वाजिब हक बिहार को दिलाएं।

अन्य समाचार