मुख्यपृष्ठस्तंभनिवेश गुरु : दीर्घकालीन एसआईपी-एसडब्लूपी, निवेश और निकासी

निवेश गुरु : दीर्घकालीन एसआईपी-एसडब्लूपी, निवेश और निकासी

भरतकुमार सोलंकी

पावर ऑफ कंपाउंडिंग यानी डब्लिंग का फायदा, एसआईपी और एसडब्लूपी विषय पर अनेक पाठकों ने कई सवाल पूछे हैं। पॉवर ऑफ कंपाउंडिंग यानी मूलधन पर उसके ब्याज पर ब्याज मिलता है, जिसे चक्रवर्ती ब्याजदर भी कहा जाता है। इससे आपका मूलधन दोगुना, चार गुना, आठ गुना, सोलह गुना, बतीस गुना से लेकर सौ गुना भी हो जाता है। पैसों की डब्लिंग में चक्रवर्ती ब्याज दर के अलावा लंबी समयावधि का बड़ा महत्व है। निवेश पर १२ फीसदी सालाना ब्याज दर से मूलधन ६ वर्ष में दोगुना, १८ फीसदी ब्याज दर से ४ वर्ष में दोगुना और २४ फीसदी ब्याज दर से ३ वर्ष में राशि डबल हो जाती है।
उदाहरण के लिए निप्पोन इंडिया ग्रोथ फंड; ८ अक्टूबर १९९५ को एक लाख रुपए के निवेश पर १० रुपए प्रतियूनिट से कुल दस हजार यूनिट का वैल्यू आज २.५८ करोड़ रुपए है। इसमें मूलधन राशि २१ फीसदी दर से हर सवा तीन साल में दोगुना हो रही है। इसका मतलब यह नहीं कि डब्लिंग शुरू से ही हर तीन-चार साल में डबल हो रही हैं, इसने ऐसे तीन वर्ष के नौ उतार-चढ़ाव को सहते हुए कुल २८ वर्ष का सफर तय किया है। प्रथम लॉकडाउन पूर्व १ मार्च २०२० को इसकी वैल्यू १.१७ करोड़ थी तो दूसरे लॉकडाउन के बाद ३१ मार्च २०२१ को १.८५ करोड़ से आज इसकी वैल्यू २.५८ करोड़ है।
म्यूचुअल फंड इक्विटी स्कीम में बाजार के अनेक उतार-चढ़ाव को झेलने की क्षमता के साथ धैर्य बनाए रखने पर पैसों की डब्लिंग का सिलसिला शुरू होता है। शुरूआत में प्रथम दस वर्ष में दो गुना, द्वितीय दस वर्ष में चार गुना तो तीसरे दस वर्ष में पांच गुना की दर से डबल होते हुए हर तीन-चार वर्ष में आपका निवेश डबल होने लगता है। इसे साधारण शब्दों में कहा जाए तो ऐसे इक्विटी फंड में आपको लंबी अवधि तक बने रहना है। जिस तरह इक्विटी फंड में लंबी अवधि तक हर माह एसआईपी से निवेश किया जाता है। ऐसे ही पैसे निकालने के लिए भी एसडब्लूपी विद्ड्रॉल करने से मूल निवेश पर डब्लिंग का सिलसिला बना रहता है। निवेश जितनी कम उम्र में शुरू किया जाए, उतनी ही अधिक डब्लिंग दर बढ़ती जाएगी।
दादा-नानी अपनी तीन महीने की पौत्री-नाती के लिए हर माह पच्चीस हजार की एसआईपी शुरू करें तो मात्र सवा करोड़ के निवेश से ६० करोड़ का फंड बनाते हुए वह युवती अपने जॉब से ४०-४५ की उम्र में ही सेवानिवृत्त हो जाएगी, फिर उसके बैंक अकाउंट में हर माह तीस लाख यानी रोजाना एक लाख रुपए एसडब्लूपी विद्ड्रॉल से आजीवन आते रहेंगे। हर दिन एक लाख रुपए एंजॉय करते हुए सौ वर्ष की उम्र जीने के बाद वह अपने वारिशदारों के लिए भी डेली इंकमसोर्स बना जाती है। अगली पीढ़ी के लिए वह करीब सवा लाख करोड़ की धनराशि छोड़ जाती है।
(लेखक आर्थिक निवेश मामलों के विशेषज्ञ हैं)

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