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निवेश गुरु – जीवन बीमा मूल्यांकन का मुख्य आधार आपकी आमदनी

जीवन बीमा कॉन्सेप्ट के बारे में लोगों से पूछा जाता है कि आपने पॉलिसी क्यों खरीदी तो वे यह कहते हैं कि फलां-फलां एक एजेंट कई दिनों से पीछे पड़ा था तो एक पॉलिसी ले ली। जीवन बीमा पॉलिसी लेते समय आपकी आमदनी का जरिया, वह आमदनी कितनी और वह कहां से आती है आदि जानकारी मांगी जाती है। आमदनी-दस्तावेज के रूप में छ: माह की सेलरी स्लिप या तीन वर्ष के आयकर विवरण के साथ इनकम सोर्स भी मांगा जाता है।
क्या आपने कभी सोचा कि आपका इनकम सोर्स क्या है, आपकी आमदनी कितनी है और कहां से आती है? यह सब बीमा कंपनी क्यों जानना चाहती हैं? जब आपकी बीमा धनराशि एक तय सीमा से नीचे होती है तो आपसे इनकम दस्तावेज नहीं मांगते हैं, लेकिन आपकी इनकम की संपूर्ण जानकारी आपके द्वारा भरे गए प्रपोजल फॉर्म में लिखित रूप में जरूर मांगी जाती है। बीमा कंपनी के लिए आपके द्वारा दी गई आपकी आमदनी की जानकारी के आधार पर ही वह रिस्क एसेसमेंट करती हैं। आपको कितना बीमा देना हैं यह तो आपकी इनकम के आधार पर ही तय किया जाता है। बीमा कंपनी के अधिकारी आपके जीवन पर बीमा राशि तय करने के लिए रिस्क एसेसमेंट करते हैं, जिसमें आपकी आमदनी को मुख्य आधार माना जाता है।
उदाहरण के तौर पर एक नौकरीपेशा व्यक्ति की उम्र ३० वर्ष, तनख्वाह साठ हजार रुपए प्रति माह है और वह ५८ की उम्र तक नौकरी करेगा तो शेष बचे २८ वर्ष यानी ३३६ महीनों की सेलरी २ करोड़ १ लाख ६० हजार से अधिक राशि का बीमा कोई भी कंपनी नहीं करेगी। इसका मतलब यह हुआ कि कोई भी बीमा कंपनी आपके शरीर का नहीं, बल्कि आपके शरीर के मनमस्तिष्क मैनेजमेंट से प्राप्त आपकी आमदनी का बीमा करती है। हालांकि, बीमा कंपनी आपकी आमदनी के साथ मेडिकल हेल्थ रिपोर्ट भी देखती हैं। जीवन बीमा पॉलिसी जारी करने से पहले दो टाइप के एसेसमेंट करती हैं, एक आपके द्वारा भविष्य में कमाई जानेवाली वेल्थ और दूसरी आपकी वर्तमान हेल्थ। वेल्थ और हेल्थ इन दोनों रिपोर्ट की संपूर्ण जांच-पड़ताल के बाद ही आपके भविष्य की वेल्थ क्रिएशन को प्रोटेक्ट करने के लिए बीमा कंपनी आपको बीमा पॉलिसी जारी करती हैं।
उपरोक्त उदाहरण में बीमित व्यक्ति की अकारण मृत्यु यदि ५८ वर्ष पूर्व हो जाती है तो उस पर निर्भर परिवार को एकमुश्त राशि मिल जाती है, जिसे बैंक या म्युचुअल फंड में निवेश करने से मासिक आमदनी जारी रहती है। जीवन बीमा कंपनी का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ आपकी इनकम को प्रोटेक्ट करना होता है। जीवन बीमा मूल्यांकन का मुख्य आधार आपकी आमदनी है, जिसे पूरे गणित के साथ समझकर खरीदना हर पारिवारिक व्यक्ति के लिए अति आवश्यक है और जरूरी आर्थिक सुरक्षा प्रबंधन का एक प्रमुख हिस्सा है।

भरतकुमार सोलंकी
(लेखक आर्थिक निवेश मामलों के विशेषज्ञ हैं)

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