मुख्यपृष्ठटॉप समाचारगद्दारों को माफी नहीं! उद्धव ठाकरे का झंझावात; शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड...

गद्दारों को माफी नहीं! उद्धव ठाकरे का झंझावात; शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड की युति!

  • सभी चुनाव एक साथ लड़ेंगे!!

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में क्षेत्रीय अस्मिता को कुचलने, क्षेत्रीय एवं अन्य दलों को खत्म करने को ही लोकतंत्र कहनेवाले कुछ लोग अब बेतुकी बातें और हरकत करने लगे हैं। ऐसे में कई लोग खुद मेरे पास आ रहे हैं और कह रहे हैं कि अब हमें संविधान को बचाने के लिए व क्षेत्रीय अस्मिता को बनाए रखने के लिए एकजुट होना होगा। इसके तहत शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड का गठबंधन किया गया है। हम इतिहास बनाएंगे और भूमिपुत्रों के प्रति द्वेष रखने वाले दोमुंहे सापों को दफन कर देंगे। ऐसा आह्वान कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया।
संभाजी ब्रिगेड के अध्यक्ष मनोज साखरे, मुख्य प्रवक्ता गंगाधर बनबरे ने ‘मातोश्री’ आवास पर कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इस मौके पर शिवसेना नेता सुभाष देसाई भी मौजूद थे। संभाजी ब्रिगेड के नेताओं ने इच्छा व्यक्त की कि शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। महाराष्ट्र में संयुक्त सभाएं ली जाएं। उन्होंने किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और छात्रों के लिए मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हम संभाजी ब्रिगेड के लड़ाके साथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हैं। हम सब शिवप्रेमी हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति संभाजी महाराज हमारे देवता हैं। हिंदुत्व और महाराष्ट्र को लेकर हमारी भूमिका रोखठोक है। उससे आप सहमत हैं, इसलिए साथ आए हैं। मुझे यकीन है कि यह गठबंधन सिर्फ चुनावों को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है। अगर चुनाव को ध्यान में रखकर युति की गई होती तो आप इस समय नहीं आते। हम सत्ता में थे और आगे सत्ता आनी तय है। लेकिन जब कुछ नहीं है तो आप शिवसेना के साथ आए हैं। लड़ते समय जो साथ आते हैं, उनका साथ महत्वपूर्ण होता है।
चुनाव में भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि विचारों को मजबूत करना है तो वैचारिक गठबंधन सिर्फ सड़कों पर उतरना और नारे लगाना नहीं है। जिन विचारों को लेकर हमने भाजपा के साथ युति की थी, वह किस तरह बहती गई, वह आप जानते हैं। मुझे दमदार सहयोगी मिला है और वह चुनाव में भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहता है, तो क्यों नहीं?
क्या संघ की विचारधारा पर चल रही है भाजपा?
संघ और भाजपा की विचारधारा के बारे में पूछे जाने पर शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘हमने हिंदुत्व की विचारधारा को लेकर २५ से ३० साल तक भाजपा के साथ गठबंधन किया। जहां तक ​​संघ का सवाल है, क्या आपको लगता है कि भाजपा उनकी विचारधारा को लेकर आगे बढ़ रही है? संघ उनकी मातृ संस्था है और यदि वे उनकी विचारधारा को स्वीकार नहीं करते तो यह सवाल मुझसे नहीं उनसे पूछा जाना चाहिए कि क्या संघ की विचारधारा भाजपा को स्वीकार्य है? यदि हां, तो क्या वे वैसा व्यवहार करते हैं? भागवत ने पिछले दो-चार वर्षों में विचार व्यक्त किए उसके अनुसार भाजपा काम कर रही है।
मुख्यमंत्री कोई भी हो, संदेश प्रणाली मजबूत होनी चाहिए
उद्धव ठाकरे ने साफतौर पर कहा कि मुख्यमंत्री चाहे कोई भी हो, उनका संदेश तंत्र मजबूत होना चाहिए। बीच में केंद्र ने निर्णय लिया कि सब कुछ ठेका पद्धति के आधार पर किया जाए। मैंने उनसे कहा फिर क्यों न प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी ठेका पद्धति पर नियुक्त किया जाए?
पूरे महाराष्ट्र का दौरा
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि दशहरा के आस-पास मैं पूरे महाराष्ट्र का दौरा करूंगा और लोगों से बातचीत करूंगा‌। सत्ता संघर्ष के मामले में उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हम न्याय के देवता पर विश्वास करते हैं। यह शिवसेना के भविष्य का नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक निर्णय होगा जो तय करेगा कि इस देश में लोकतंत्र रहेगा या तानाशाही।
कांग्रेस के साथ सरकार चलाई?
पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर यह पिछले ढाई साल या आज जो हुआ वह नहीं हुआ होता तो हम सफलतापूर्वक पांच साल तक कांग्रेस के साथ सरकार चलाकर दिखा देते। कांग्रेस की सर्वधर्म समभाव और हमारे हिंदुत्व की नीति होते हुए भी हमने सरकार चलाई। इसलिए सभी को विचार करने की स्वतंत्रता है। इसमें मत भिन्नता की तुलना में सर्वसम्मति कितनी है, यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने याद दिलाया कि दोनों पक्षों ने एक समन्वय समिति नियुक्त की थी और सभी के लिए निष्पक्ष रुख अपनाया था।

देश को दिशा देनेवाले महाराष्ट्र का निर्माण करें
महाराष्ट्र में जो कुछ किया जा रहा है या बिगाड़ा जा रहा है, वह महाराष्ट्र की पहचान नहीं है। यह शिवराय और संभाजी महाराज के महाराष्ट्र की पहचान नहीं है। यह शिवराय का महाराष्ट्र है इसलिए यहां वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए। लेकिन वैसा नहीं करना और उदाहरण देते समय छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज का नाम लेना उचित नहीं है। पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने विश्वास जताया कि हम महाराष्ट्र को देश को राह दिखानेवाला राज्य बनाएंगे।

 

अन्य समाचार