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सड़क दुर्घटनाओं में दिल्ली और मुंबई में अंतर नहीं! : एको की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली-एनसीआर देश में सबसे ज्यादा दुर्घटना संभावित शहरों में से एक है, जहां सबसे ज्यादा संख्या में दुर्घटनाएं होती हैं। हालांकि, भारत की वित्तीय राजधानी, मुंबई भी इसके करीब ही है। ये आंकड़े भारत के अग्रणी टेक-फर्स्ट बीमा प्रदाता, एको ने आज अपने एको एक्सीडेंट इंडेक्स २०२२ के अर्द्धवार्षिक संस्करण में जारी किए। इस इंडेक्स में बैंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, और मुंबई सहित मुख्य मेट्रो शहरों में हुई दुर्घटनाओं का विवरण दिया गया है। इसमें खुलासा हुआ कि दिल्ली में २०.३प्रतिशत की दुर्घटना दर है, जबकि मुंबई में दुर्घटना दर १८.२ प्रतिशत है। इन दुर्घटनाओं के कारण भी दोनों शहरों में एक से हैं। जहां दिल्ली और मुंबई में अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं ड्राईवर्स के कारण हुईं, वहीं जानवरों का सड़क पार करना, पॉटहोल्स, रैश ड्राईविंग और नशे में वाहन चलाना दुर्घटना के अन्य कारण थे। इलाकों के मामले में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सेक्टर १२ (नोएडा) और मुंबई में घाटकोपर (वेस्ट) सबसे ज्यादा दुर्घटना-संभावित क्षेत्र हैं। जहाँ सेक्टर १२ में लगभग ९ प्रतिशत दुर्घटनाएं हुईं, वहीं घाटकोपर (वेस्ट) में मुंबई में हुई दुर्घटनाओं की ५ प्रतिशत दुर्घटनाएं हुईं। हालांकि इस रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि मुंबई में अधिकांश दुर्घटनाएं जगहों की दृष्टि से अधिकांशत: एक समान रहीं। अनिमेश दास, सीनियर डायरेक्टरमोटर अंडरराईटिंग एको ने कहा कि जहां हम दुर्घटनाओं का दोष खराब सड़कों को देते हैं, वहीं यह रिपोर्ट कुछ और ही बता रही है। यदि सड़क दुर्घटनाओं के लिए प्रमाणित उपाय किए जाएं तो उन्हें और उनके कारण होने वाली मौतों को रोका जा सकता है तथा उनका पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। यह एक्सीडेंट इंडैक्स हमारे नीति-निर्माताओं और प्रशासकों को मददगार साबित होगा, ताकि वो भारत में सबसे ज्यादा दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों में उचित उपाय कर सकें, जिससे भारत में ट्रैफिक में सुधार कर दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस रिपोर्ट के आंकड़े एको के डेटाबेस से लिए गए हैं। विशेष थर्ड पार्टी डेटा स्रोतों का इस्तेमाल भी जरूरत के अनुसार किया गया है।

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