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बाहरी `सिम’ नहीं, बाहरी वोट बना वैध; सत्ता की साजिश रच रही भाजपा!

  • गैर स्थानीय तय करेंगे जम्मू-कश्मीर का भविष्य

सामना संवाददाता / जम्मू
जम्मू-कश्मीर में गैर स्थानीय को वोट डालने के हक देने को लेकर शिवसेना जम्मू-कश्मीर इकाई ने कड़ी आपत्ति करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और इसे पार्टी विशेष को फायदा पहुंचाने की साजिश करार दिया। शिवसेना जम्मू-कश्मीर इकाई प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि पहले परिसिमन आयोग के सहारे भाजपा ने राजनितिक लाभ लेने का हर संभव प्रयास किया। अब प्रदेश की जनता में भाजपा के प्रति लगातार बढ़ती निराशा‌ और नाराजगी को भांपते हुए अब गैर स्थानीय व अवैध नागरिकों के सहारे जम्मू-कश्मीर की सत्ता हथियाने का खेला हो रहा है। साहनी ने कहा कि पीडीपी एवं भाजपा शासनकाल के दौरान‌ सैकड़ों की संख्या में अवैध रूप से रोहिंगिया और बांग्लादेशी जम्मू-कश्मीर में डेरा डाले हुए है। इन सभी के पास भारत सरकार के आधार कार्ड भी मिल रहे है। इस मामले को लेकर शिवसेना जम्मू इकाई प्रमुख के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। साहनी ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर की जनता के साथ विश्वासघात कर रही है। जम्मू-कश्मीर की सांस्कृति एवं पहचान को मिटाने को लेकर हर संभव प्रयास किए जा रहे है। साहनी ने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि जिस राज्य में बाहरी सिम तक वैध नहीं है वहां बाहरी लोगों को वोट का अधिकार दिया जा रहा है।‌ भाजपा अपने राजनैतिक फायदे को लेकर जम्मू-कश्मीर के मूल नागरिकों के साथ खिलवाड़ कर रही है।‌ इस अवसर पर मीनाक्षी छिब्बर, विकास बख्शी, राकेश गुप्ता, बलवंत सिंह, राज सिंह, परवीन गुप्ता, शिशुपाल, मंगू राम, राकेश हांडा, सुरेंद्र कुमार, गीता लखोत्रा, अशोक, डिंपल सहित सैकड़ों शिवसैनिक मौजूद थे।

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