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गद्दारों को माफी नहीं! … दगाबाजों को शिवसेना में वापस नहीं लेंगे -उद्धव ठाकरे का एलान

सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना से गद्दारी करनेवालों को माफी नहीं मतलब नहीं मिलेगी। चाहे कुछ भी हो जाए, दगाबाजों को दोबारा शिवसेना में स्वीकार नहीं किया जाएगा, शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल डंके की चोट पर ऐसा स्पष्ट एलान किया। गद्दारों का अब कोई खास राजनीतिक करियर नहीं रह गया है। उन्हें उनकी असली कीमत समझ में आ चुकी है, ऐसी फटकार लगाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि आगामी चुनाव में मस्ती में चूर गद्दारों को जनता गाड़े बिना चुप नहीं बैठेगी, ऐसा विश्वास भी उन्होंने इस दौरान व्यक्त किया।
‘मातोश्री’ निवास स्थान पर आयोजित प्रेस कॉन्प्रâेंस में उद्धव ठाकरे ने गद्दारों को लेकर शिवसेना की भूमिका को साफ किया। लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर महागठबंधन में विवाद जारी है। गद्दार गुट के सांसदों के टिकट काटे जा रहे हैं। इस वजह से वे उदास हैं। मीडिया ने उद्धव ठाकरे से पूछा कि क्या इनमें से कोई शिवसेना के संपर्क में है? जिस पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि अनुभव से बेहतर कोई शिक्षक नहीं होता और गद्दारों के शिक्षक ही उन्हें बताएंगे कि उन्हें आगे क्या करना है, ऐसा तंज भी उद्धव ठाकरे ने इस दौरान कसा।
इस दौरान मीडिया ने प्रकाश आंबेडकर द्वारा शिवसेना की आलोचना करने का मुद्दा उठाया। जिस पर जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और प्रबोधनकार ठाकरे का पुराना रिश्ता था इसलिए चाहे वे कितनी भी आलोचना करें, शिवसेना का कोई भी व्यक्ति उन्हें कुछ नहीं कहेगा, ऐसा स्पष्ट मत उद्धव ठाकरे ने कल व्यक्त किया। हमने प्रकाश आंबेडकर से कहा कि जब आंबेडकर का संविधान खतरे में है तो हमें एकजुट होकर तानाशाहों को लोकतंत्र की ताकत दिखा देनी चाहिए। संविधान ने सभी को आजादी दी है और शिवसेना ने सोचा कि इसे संरक्षित करने के लिए वंचित बहुजन आघाड़ी और शिवसेना को एक साथ आना चाहिए, ऐसा भी उद्धव ठाकरे ने कहा।
सांगली में शिवसेना द्वारा अपना उम्मीदवार घोषित करने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि वहां फ्रेंडली मुकाबला हो सकता है। इस पर जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि  फ्रेंडली मुकाबला नहीं होता,
अगर करनी है तो दोस्ती करो या फिर लड़ो लेकिन मित्रतायुक्त मुकाबला नहीं होता। आगे उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कांग्रेस उसके बाद भी इस तरह लड़ने का फैसला करती है, तो न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश का नुकसान होगा, ऐसा भी उद्धव ठाकरे ने कहा। इतना ही नहीं सांगली में शिवसेना का प्रचार अभियान शुरू हो गया है और संजय राऊत अगले एक-दो दिन में वहां जाएंगे, ऐसी जानकारी भी उन्होंने दी।
‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ यह भाजपा की नीति बन चुकी है। हमने उसका नुकसान देखा है। हम इसके खिलाफ खड़े हुए, लेकिन भाजपा ने अपनी पार्टी के सबसे कट्टर वफादारों को भी बाहर करने की नीति अपना ली है।’ इसके विरोध में उन्मेष पाटील अपने कई साथियों के साथ शिवसेना में शामिल हो गए। इसे कहते हैं असली बगावत। वहीं जो शिवसेना के साथ हुआ वह विश्वासघात है।’ लेकिन उन्मेष पाटील ने दुनिया को विश्वासघात और विद्रोह के बीच का अंतर दिखाया है, ऐसी सराहना भी उद्धव ठाकरे ने की।

‘शिवसेना की बढ़ेगी ताकत!’
इस मौके पर शिवसेना नेता-सांसद संजय राऊत ने भी उन्मेष पाटील को बधाई दी। उन्मेष पाटील एक निष्ठावान भाजपा कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे, लेकिन वफादारों की किस्मत में हमेशा संघर्ष रहता है इसीलिए वे वफादारों को महत्व देने वाली शिवसेना में आए हैं। उन्मेष पाटील के रूप में जलगाव समेत उत्तर महाराष्ट्र से एक नेतृत्व शिवसेना में शामिल हुआ है। उनके साथ कई संगठनों के पदाधिकारी भी शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। उन्मेष पाटील के शिवसेना में आने से उत्तर महाराष्ट्र में शिवसेना को ताकत मिलेगी और जलगाव का चुनाव न केवल रंगीन होगा, बल्कि शिवसेना को जीत मिलेगी, ऐसा विश्वास भी राऊत ने व्यक्त किया।

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