मुख्यपृष्ठग्लैमर‘उस पर कोई नाराज नहीं हो सकता!’-फातिमा सना शेख

‘उस पर कोई नाराज नहीं हो सकता!’-फातिमा सना शेख

फिल्म ‘दंगल’ में गीता फोगाट का किरदार निभानेवाली फातिमा सना शेख ने कमल हासन की फिल्म ‘चाची ४२०’ से डेब्यू किया था। आगे चलकर फातिमा की ‘ठग्ज ऑफ हिंदोस्तां’, ‘थार’, ‘ल्यूडो’ जैसी फिल्में रिलीज हुर्इं। इस वक्त फातिमा ने फिल्म ‘सैम बहादुर’ में इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है। पेश है, फातिमा सना शेख से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

मुंबई छोड़ आपका भोपाल कैसे आना हुआ? क्या इससे पहले भी कभी आप भोपाल शहर में गई थीं?
भोपाल को लोग झीलों का शहर कहते हैं और ये है भी बेहद खूबसूरत। जो कोई भी इस शहर में पहली बार आएगा वो दोबारा यहां आने के बारे में अवश्य सोचेगा। आज भोपाल की खूबसूरती देखकर लगता है कि क्या सचमुच इसी शहर में भोपाल गैस ट्रेजेडी हुई थी? भोपाल में घटी गैस ट्रेजेडी वाली घटना को मैं याद नहीं करना चाहती। खैर, मैं अपनी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में भोपाल आई थी। इससे पहले मैं अनुराग बसु की फिल्म ‘ल्यूडो’ के लिए भोपाल आई थी। फिल्म को प्रमोट करने के लिए कलाकारों को दुनिया भर में घूमना पड़ता है।

फिल्म ‘सैम बहादुर’ में इंदिरा गांधी का किरदार निभाना आपके लिए कितना मुश्किलों भरा रहा?
जब फिल्म की निर्देशिका मेघना गुलजार हों तो सारे सवाल वहीं शुरू होकर वहीं खत्म हो जाते हैं। बहुत जीनियस हैं मेघना। इंदिरा जी का किरदार जब मुझे निभाने का ऑफर मिला तो मैं बहुत तनाव में आ गई। उनके जैसी अंतर्राष्ट्रीय पॉलिटिकल लीडर का किरदार निभाना कहां आसान था? चैलेंज ये था कि मुझे सिर्फ इंदिरा जी जैसा दिखना नहीं था, उन्हें महसूस करना था। खैर, अब तक जिन्होंने फिल्म के रशेज देखे हैं सभी का कहना है कि मैंने इंदिरा जी को हू-बहू निभाया है।

फिल्म ‘दंगल’ के बाद ‘सैम बहादुर’ सानिया मल्होत्रा के साथ करने की क्या वजह रही?
इस सवाल का जवाब मैं नहीं मेकर ही दे सकते हैं। सानिया मल्होत्रा एक ऐसी खुशमिजाज कलाकार हैं कि कोई भी उन पर गुस्सा नहीं हो सकता। जो उनके दिल में है वही जुबान पर है। ‘दंगल’ के बाद हमें इस फिल्म में साथ काम करने का मौका मिला इसकी खुशी हम दोनों को बेतहाशा है।

सुना है फिल्म ‘दंगल’ की शूटिंग के दौरान आप दोनों में वैâट फाइट्स हुआ करती थी?
आमिर खान प्रोडक्शन और नितेश तिवारी जैसे सुलझे हुए निर्देशक के साथ पूरे अनुशासन में काम होता रहा। ‘दंगल’ की शूटिंग से पहले वर्कशॉप के दौरान अब कितनी छोटी बच्चियां थीं। सिर्फ एकाध बार सानिया और मेरे बीच ड्रेस को लेकर तू तू-मैं मैं हुई होगी। खैर, दंगल की शूटिंग पूरी होने के बाद हम डबिंग, ट्रेलर लॉन्च, प्रमोशन में बड़े प्यार से मिलते रहे। मैंने कहा न सानिया इतनी प्यारी है कि कोई उस पर नाराज नहीं हो सकता। हम दोनों ने साथ में अपना करियर शुरू किया है।

आपकी आनेवाली फिल्में कौन-कौन सी हैं?
मेरी फिल्म ‘आशिकी-३’ पूरी हो चुकी है और फिल्म ‘धकधक’ में मैं नजर आऊंगी। आनेवाले समय में मैं फिल्मों, ओटीटी और वेब शोज में व्यस्त नजर आऊंगी।

मुंबई के बाहर शूटिंग करते वक्त क्या आपको मुंबई की याद आती है?
मुंबई की तुलना दुनिया के किसी भी बड़े शहर से नहीं हो सकती। मुंबई में कुछ वर्ष पहले तक बहुत गंदगी थी, जो कम होती गई। शहर का नूतनीकरण-सौंदर्यीकरण हुआ। गार्डन बढ़ते जा रहे हैं और मेट्रो के आने से ट्रैफिक हलका कम हुआ है। वक्त के साथ मुंबई का चेहरा बदलता गया। मुंबई की तुलना किसी अन्य शहर से नहीं हो सकती क्योंकि इस शहर में एक अजब सी एनर्जी है। ऐसी एनर्जी मुझे नहीं लगता दुनिया के किसी भी शहर में दिखेगी। फिर वो न्यूयॉर्क हो या हॉन्ग कॉन्ग हो या फिर शिकागो। मुंबई की एनर्जी और यहां का भाईचारा बेमिसाल है। मैं कभी छुट्टियां बिताने या शूटिंग के सिलसिले में मुंबई से बाहर जाती हूं तो एक सप्ताह से ज्यादा वहां नहीं रह पाती। मुंबई मुझे सपने में बुलाने लगती है। जैसे कोई अपनी मां को बेहद मिस करता है, वैसे ही मैं मुंबई को मिस करती हूं। ये सपनों की नगरी है, हर किसी को यह शहर काम देता है, रोजी-रोटी देता है।

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