मुख्यपृष्ठसमाचारकश्मीर में नहीं हो रहा कामकाज ...शिवसेना ने उठाई आवाज

कश्मीर में नहीं हो रहा कामकाज …शिवसेना ने उठाई आवाज

स्थानीय युवाओं के रोजगार के लिए शिवसैनिकों ने किया प्रदर्शन
सामना संवाददाता / जम्मू । केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते स्वर्ग की वादी कश्मीर में केंद्र शासित राज्य घोषित होने के बाद से कश्मीर के युवाओं को रोजगार के नाम पर केवल ठगा जा रहा है। हकीकत ये हो गई है कि आज कश्मीर में रोजगार के लिए युवा दर-दर की ठोकरें खाने व गलत रास्ते को अपनाने के लिए रास्ते चुनने लगे हैं, जिससे कश्मीर की वादी में अशांति पैâलने का खतरा फिर मडराने लगा है। युवाओं को सही रास्ते पर लाने के लिए शिवसेना जम्मू-कश्मीर इकाई ने जम्मू-कश्मीर के स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण सुनिश्चित करने वाले विशेष दर्जे के साथ राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर शिवसेना जम्मू-कश्मीर इकाई प्रमुख मनीष साहनी के नेतृत्व में शिवसैनिकोेंं ने बाड़ी ब्राह्मणा के सिडको चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया।
रोजगार न मिलने से भटक रहे युवा
शिवसेना जम्मू-कश्मीर इकाई प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा छीने हुए २८ महीने का लंबा अंतराल बीत चुका है। २०१९ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सदन के‌ पटल व सार्वजनिक मंचों से बार-बार जम्मू-कश्मीर के लोगों को जल्द राज्य दर्जा लौटाने का वादा किया था लेकिन केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते लोकतंत्र प्रकिया एवं राज्य के दर्जा के लिए अभी तक कोई प्रक्रिया नहीं की गई, जिससे जनता में निराशा व आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल लगातार युवाओं को रोजगार देने का वादा करते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर बेरोजगारी की दर दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। शिवसेना ने केंद्र सरकार से इस पर जल्द अमल करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस पर विचार नहीं किया गया तो शिवसैनिक सड़कों पर उतरने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर विकास बख्शी, अश्विनी प्रभाकर, राज सिंह, सुमित अबरोल, पवन सिंह, संजीव सूदन, बलवीर कुमार गोरव, रोहित कुमार, रजिंद्र कुमार, मक्खन, नीलम देवी, अबि, रोहित शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे।

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