मुख्यपृष्ठग्लैमर‘वो सभी की किस्मत में नहीं है!’ - मल्लिका सिंह

‘वो सभी की किस्मत में नहीं है!’ – मल्लिका सिंह

पर्दा छोटा हो या बड़ा सम्राट अशोक एक ऐसे सम्राट रहे जिनके चरित्र, उनके पराक्रमी तेवर से कोई भी वर्ग अछूता नहीं रहा। फिल्म ‘सम्राट अशोक’ में जहां शाहरुख खान और करीना कपूर नजर आए, वहीं ‘कलर्स’ पर २०१५ में ‘चक्रवर्ती अशोक सम्राट’ प्रसारित होने के बाद अब एकता कपूर ‘बालाजी टेलिफिल्स’ के बैनर तले शो ‘प्रचंड अशोक’ लेकर उपस्थित हुई हैं, जिसमें मल्लिका सिंह सम्राट अशोक की पत्नी कौर्वकी का महत्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं। पेश हैं, मल्लिका सिंह से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

आपके लिए वर्ष २०२३ कैसा रहा?
सच कहूं तो २०२३ में मैंने सिर्फ आराम ही किया। आराम के अलावा मैंने कई चीजें एक्सप्लोर कीं। म्यूजिक और डांस सीखने के अलावा मैंने खुद की फिटनेस पर ध्यान दिया। घूमने-फिरने के साथ ही परिवार के साथ वक्त गुजारना मेरे लिए किसी थेरेपी से कम नहीं था। मेरा शो ‘राधा-कृष्ण’ लगातार ४ वर्षों तक चला। मुझे ब्रेक की सख्त जरूरत थी और २०२३ में ब्रेक लेकर मैंने बड़ी राहत महसूस की।

 क्या २०२४ के लिए आपने कोई संकल्प किया है?
मैं जीवन में आगे बढ़ने में यकीन करती हूं। जीवन जिस तरह आगे बढ़े उस हिसाब से मैं जीना चाहती हूं। मैंने देखा है कि अक्सर जैसा हम सोचते हैं वैसा होता नहीं है। इसलिए मैं कोई संकल्प नहीं करना चाहती क्योंकि संकल्प पूरे नहीं होते। मैं ईश्वर का आभार व्यक्त करती हूं कि उसने मुझे वो जिंदगी दी, जो मेरी उम्र की दूसरी लड़कियों के लिए किसी सपने से कम नहीं है। जो नाम और सफलता मुझे हासिल हुई वो सभी की किस्मत में नहीं है।

शो ‘प्रचंड अशोक’ में आपको कौर्वकी का किरदार कैसे मिला?
२०२३ में मुझे पता चला कि ‘कलर्स’ के लिए ‘बालाजी टेलीफिल्म्स’ सम्राट अशोक पर ऐतिहासिक शो का निर्माण करने जा रहा है। मैंने ‘बालाजी’ से संपर्क किया और उनकी टीम ने मुझे मिलने के लिए बुलाया। वे मेरा काम देख चुके थे। लिहाजा, कौर्वकी के किरदार के लिए मेरा सिलेक्शन हो गया।

कौर्वकी और मल्लिका सिंह में कितनी समानता है?
कौर्वकी एक महारानी थीं और मैं एक कलाकार। वैसे तो हमारी जिंदगियों में कोई समानता नहीं है। अब तक मैंने जितनी शूटिंग की है उसके अनुसार मुझे लगता है कि कौर्वकी में जो स्ट्रेंथ है वो मुझमें भी है। वो प्यार बांटने में यकीन करती हैं और हमेशा सच्चाई का साथ देती हैं। यही वो गुण हैं जो मुझमें और कौर्वकी में एक से हैं।

कौर्वकी का किरदार निभाना कितना चैलेंजिंग रहा?
कौर्वकी के किरदार के लिए मेरा लुक टेस्ट हुआ। सभी का मानना है कि पोशाक और मेकअप के बाद मैं रानी कौर्वकी जैसी दिखती हूं। इस ऐतिहासिक किरदार को निभाने का मुझ पर कोई प्रेशर नहीं है।

 अदनान खान के साथ काम करने का अनुभव वैâसा रहा?
अदनान के साथ मेरी पहली मुलाकात प्रोमो शूट के दौरान हुई थी। अदनान सम्राट अशोक के गेटअप में थे। मुझे लगा ही नहीं कि वो अदनान खान हैं। ऐसा लगा जैसे वो सम्राट अशोक ही हैं। अदनान का स्वभाव है कि उन्हें जो भी किरदार सौंपा जाता है वे उसमें घुस जाते हैं। अदनान बहुत ही विनम्र स्वभाव के हैं।

 आपने अब तक जो भी किरदार निभाए वे पौराणिक रहे, क्या यह महज एक संयोग है?
शो ‘राधा कृष्ण’ मेरे करियर की शुरुआत थी। राधा का किरदार निभाने के लिए मुझे दर्जनों लड़कियों में से चुना गया। राधा का किरदार कौन नहीं करना चाहेगा? आगे चलकर सीता, लक्ष्मी, भूदेवी जैसे कई किरदार मुझे मिल गए। मैं इसे ईश्वर के वरदहस्त के रूप में लेती हूं, जो मुझे ऐसे पौराणिक किरदारों के लिए चुना गया।

 क्या आपका अभिनय में आना पहले से तय था?
एक्टर बनने की चाह पहले से थी लेकिन मां और पिताजी नहीं चाहते थे। उन्हें लगता था कि कश्मीर में रहनेवाले हमारे जैसे मिडल क्लास परिवार के लिए अभिनय की दुनिया नहीं है। पिताजी घर पर टीवी भी नहीं देखने देते थे। मेरी मौसी सोनिया सिंह कलाकार हैं। कॉलेज के बाद मैं और मां मुंबई उनके घर रहने आए। ये मौसी का ही सुझाव था कि मैं मुंबई आई हूं तो क्यों न कुछ ऑडिशन दे दूं? मैंने शो ‘राधा कृष्ण’ के लिए ऑडिशन दिया और आज मैं आपके सामने हूं।

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