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सिर्फ सांसदों का ही नहीं शिंदे का भी कटेगा पत्ता …टिकट कटने की आशंका से घाती गुट में बेचैनी  …संजय राऊत का बड़ा बयान

सामना संवाददाता / मुंबई
लोकसभा चुनाव में घाती सांसदों यानी गद्दारों की समस्याएं बढ़ गई हैं। कुछ सांसदों के टिकट काटे जाने के संकेत हैं। टिकट कटने की आशंका से घाती गुट में बेचैनी बढ़ गई है। इसे लेकर गद्दार गुट पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे ) नेता व सांसद संजय राऊत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि केवल सांसदों का ही नहीं, बल्कि शिंदे का भी पत्ता कटेगा।
मीडिया से बात करते हुए संजय राऊत ने कहा कि किसी भी गद्दार के लिए दरवाजा नहीं खुलेगा। दरवाजा खटखटाओ, दरवाजे पर बैठो, छाती पीटो लेकिन गद्दारों के लिए दरवाजा नहीं खुलेगा। संजय राऊत ने कहा कि यदि हम भविष्य में गद्दारों के लिए दरवाजा खोलकर रखते हैं, तो निष्ठावान, स्वाभिमानी, ईमानदार जनता और शिवसैनिक जो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एक साथ आए हैं, यह उनका अपमान होगा। सांसद संजय राऊत ने कहा कि आपकी जानकारी के लिए बताता हूं कि केवल उनके सांसदों का ही नहीं, बल्कि शिंदे का भी पत्ता कट रहा है। उन्होंने कहा कि शिंदे की अनदेखी कर नेता फडणवीस से मिलने के लिए जा रहे हैं।
इसलिए हमें एकसाथ आना चाहिए
संजय राऊत ने कहा कि हमें देश के संविधान, लोकतंत्र की रक्षा, जनता और देशहित के लिए एक साथ आना चाहिए। हमारा मत है कि वंचित, पीड़ित समाज को उनका अधिकार मिलना चाहिए।
भाजपा दिखाए ईवीएम हटाने की हिम्मत
संजय राऊत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपैट पर टिप्पणी की है। कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपैट पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। फिर भी अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लेकिन अगर ये पैâसला लिया जाता है, तो ये देश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक पैâसला होगा। संजय राऊत ने कहा कि हिम्मत है तो भाजपा ईवीएम हटाने की हिम्मत दिखाए।
जनता का चुनावी व्यवस्था से उठ गया भरोसा
चुनावी बॉन्ड घोटाला सामने आने के बाद देश में माहौल गरमा गया है। भ्रष्टाचार से चुनाव कैसे जीता जाता है? भ्रष्टाचार के जरिए पैसे कैसे इकट्ठे किए जाते हैं? और इन्हें चुनाव में वैâसे लगाया जाता है। इन्हें तरह देश की जनता का चुनावी व्यवस्था पर से भरोसा उठ गया है। इस वजह से हम ईवीएम को सही नहीं मानते। मैंने किसे वोट दिया और किसे वोट मिला? यह वोटर को पता ही नहीं चल रहा। इस तरह का सवाल सांसद संजय राऊत ने उठाया?
देश की जनता में भय का माहौल
पहले मत पत्रिका थी, हम उस पर मुहर लगाते थे। मतदाता को पता होता था कि उसने किस चुनाव चिह्न पर मुहर लगाई है। लेकिन अभी तक ईवीएम में जो नतीजे सामने आए हैं या जो प्रदर्शन किया गया है साथ ही वोट किसी को भी दो, कमल को ही जाएगा, यह भ्रम लोगों के मन में पैदा हो गया है। भाजपा नेता प्रचार कर रहे हैं कि वोट किसी को भी दो, वोट भाजपा को ही जाएगा। इससे देश की जनता में डर का माहौल है। संजय राऊत ने कहा कि हम बदलाव चाहते हैं। लेकिन अगर आप बदलाव के लिए वोट देंगे तो आपने जिसे अपना वोट दिया क्या उसे मिला? यह वैâसे पता चलेगा? इसलिए हमें वीवीपैट चाहिए। हमने तो मतपत्र से चुनाव कराने की भी मांग की है। लेकिन भाजपा और चुनाव आयोग बात सुनने को तैयार नहीं है। क्योंकि ईवीएम सेट है ये तो सबको पता है। इसलिए हमने वीवीपैट का विकल्प दिया था। संजय राऊत ने कहा कि पूरे देश के वकीलों ने ईवीएम के खिलाफ आंदोलन किया है।
ईवीएम हटी दुर्घटना घटी
ईवीएम हटी दुर्घटना घटी। भाजपा को साहस दिखाना चाहिए। ये लोकतंत्र है। लोगों को ईवीएम नहीं चाहिए। संजय राऊत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया में कहीं भी ईवीएम का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

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