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सेहत का तड़का: कुछ भी असंभव नहीं, हर पखवाड़े डाइट और एक्सरसाइज बदल देती हैं गुरलीन चोपड़ा

एस. पी. यादव  

मॉडल, अभिनेत्री, निर्माता और आहार विशेषज्ञ गुरलीन कौर चोपड़ा का जन्म ३० दिसंबर १९९० को चंडीगढ़ में हुआ। हिंदी, पंजाबी, मराठी, बंगाली, भोजपुरी, तमिल, कन्नड़, तेलुगू फिल्मों में काम करने के अलावा गुरलीन चोपड़ा अब वेबसीरिज में सक्रिय हैं। लॉकडाउन के दौरान जब लोग हताश हो चुके थे, तब गुरलीन ने अमेरिका और लंदन से आहार विशेषज्ञ की डिग्री हासिल की। अब वे फिटनेस ब्रांड ‘काउंसलिंग विद जीसी’ की संस्थापक और ब्रांड एंबेसेडर भी हैं। वर्तमान में दुनियाभर से उनके २५ हजार से ज्यादा ग्राहक हैं। गुरलीन का कहना है कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है, बस आपके भीतर लगन होनी चाहिए।

जानने लायक उम्र से ही अभिनेत्री श्रीदेवी की घोर प्रशंसक रही गुरलीन ने चंडीगढ़ में कॉलेज के दिनों में ही दोस्तों की सलाह पर मॉडलिंग शुरू कर दी। जब वे बारहवीं में पढ़ रही थीं, तभी एक सौंदर्य प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और ‘मिस चंडीगढ़’ का खिताब अपने नाम किया। जब उन्हें बॉलीवुड का ऑफर मिला तो उनके माता-पिता ने आपत्ति जताई, लेकिन जब उन्हें पता चला कि फिल्म का निर्देशन लॉरेंस डिसूजा कर रहे हैं तो वे सहमत हो गए। इस तरह २००३ में गुरलीन ने हिंदी फिल्म ‘इंडियन बाबू’ से अपनी अभिनय की पारी शुरू की। बॉलीवुड में गुरलीन ने ‘कुछ तो गड़बड़ है’, ‘भागमभाग’, ‘इंटरनेशनल हीरो’, ‘गेम ओवर’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने दक्षिण की दर्जनों फिल्मों के साथ-साथ मराठी, बंगाली, भोजपुरी और पंजाबी की कई क्षेत्रीय फिल्मों में भी काम किया। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने बतौर हेल्थ कोच अपनी नई पारी शुरू की और आज शोहरत की नई बुलंदियां छू रही हैं।

जिम जाकर मिलती है खुशी

हेल्थ कोच और मोटिवेशनल स्पीकर की अपनी यात्रा शुरू करने के पहले से ही गुरलीन फिटनेस प्रâीक रही हैं। अपने दिन को बेहतर शुरुआत देने के लिए वह रोज सुबह जिम जाकर तरह-तरह के एक्सरसाइज करती हैं। जिम में वे जहां कार्डियो, पिलेट्स, किक बॉक्सिंग, स्ट्रेचिंग, लाइट वेट ट्रेनिंग जैसे एक्सरसाइज करती हैं, वहीं लगभग आधे घंटे तक समुद्र किनारे या खुली हरियाली के बीच पैदल चलना पसंद करती हैं। वे प्राणायाम और विभिन्न योग-आसनों का भी अभ्यास करती हैं। बकौल गुरलीन, ‘बेहतर फिटनेस के लिए शारीरिक और मानसिक कसरत का संतुलन बेहद जरूरी है। मैं हर पखवाड़े अपनी एक्सरसाइज में बदलाव लाती हूं। इससे व्यायाम में रुचि बनी रहती है।’

पोषक आहार है अनिवार्य

एक प्रमाणित पोषणविद् (सर्टिफाइड नूट्रिशनिस्ट) होने के नाते गुरलीन अपने आहार-विहार पर विशेष ध्यान देती हैं। वे ९० दिनों के विशेष डाइट प्लान को फॉलो करती हैं और हर पंद्रह दिन बाद अपनी डाइट में कुछ बदलाव लाती रहती हैं। बकौल गुरलीन, ‘लगभग ३० दिनों की समयावधि में हमारी कोशिकाओं में बदलाव आता है इसलिए शरीर की जरूरत के हिसाब से डाइट में बदलाव जरूरी है।’ अमृतवेला (ब्रह्ममुहूर्त) में उठनेवाली गुरलीन सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीती हैं। नाश्ते में दलिया, अंडे और ग्रीन जूस लेती हैं। लंच और डिनर में उबली सब्जियां, रोटी आदि का सेवन करती हैं। चावल से परहेज करती हैं। गुरलीन को पारंपरिक पंजाबी, दक्षिण भारतीय भोजन विशेष पसंद हैं। उन्हें हरी सब्जियां, साग, आलू टिक्की, सिंघाड़ा और पास्ता पसंद है।

गुरलीन की पसंदीदा: सिंघाड़ा सब्जी की रेसिपी

सामग्री: पाव किलो सिंघाड़ा, आधा-आधा चम्मच हल्दी, धनिया, जीरा, काली मिर्च और अमचूर पाउडर, आधा नींबू, ५० ग्राम दही, १० ग्राम हरा धनिया, एक चुटकी काला नमक, एक चुटकी हींग, एक चम्मच घी और स्वादानुसार नमक।
विधि: सिंघाड़े को धो-छीलकर मध्यम टुकड़ों में काट लें। पैन में घी गर्म कर हींग और जीरे का तड़का लगाएं। इसमें दही फेंटकर डाल दें। इसमें अन्य मसाले डालकर चलाते हुए पकाएं। थोड़ी देर उबाल आने के बाद इसमें सिंघाड़े के टुकड़े और नमक डाल दें। इसे कुछ देर तक ढंककर पकाएं। अब इसमें अमचूर, काला नमक और हरा धनिया डाल दें। इस पर नींबू का रस निचोड़ दें।
फायदे: इसकी एक खुराक से लगभग ९७ कैलोरी मिलती है, जिसमें १ ग्राम प्रोटीन, २४ ग्राम कार्बोहाइड्रेट, ३ ग्राम फाइबर और ५८४ ग्राम पोटैशियम होता है। पोटैशियम, कैल्शियम, जिंक, विटामिन बी और ई के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। स्ट्रोक के खतरे को कम करता है। वजन को नियंत्रित रखता है। पाचन-तंत्र को दुरुस्त रखता है। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए फायदेमंद है। बालों को स्वस्थ रखता है।

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