मुख्यपृष्ठसमाचारभगवान शिव को नोटिस!...राजस्व विभाग के कारनामे की वजह से बने आरोपी

भगवान शिव को नोटिस!…राजस्व विभाग के कारनामे की वजह से बने आरोपी

• कोर्ट में पेश नहीं होने पर १० हजार का लगेगा जुर्माना
सामना संवाददाता / रायपुर । इंसान जब गलती करता तो भगवान से खुद को सजा से बचाने के लिए मिन्नत मांगता है। जब भगवान पर ही आरोप लगे तो वो किसके पास आएंगे? कुछ ऐसा ही हैरतअंगेज मामला छत्तीसगढ़ में सामने आया है। यहां एक कोर्ट ने भगवान को नोटिस भेज दिया। इसके बाद कल भगवान शिव की कोर्ट में पेशी भी हुई। दरअसल यह कारनामा राजगढ़ के राजस्व अधिकारियों की मेहरबानी से हुआ। पहले तो अधिकारियों ने भगवान शंकर को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश होने का नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद कोर्ट में हाजिर नहीं होने की हालत में १० हजार रुपए जुर्माना लगाने की बात कही।

अब भगवान तो आ नहीं सकते, ऐसे में उनके भक्त यानी स्थानीय लोग शिवलिंग ही उखाड़कर कोर्ट में ले आए। हद तो तब हो गई कि कोर्ट में भी भगवान को राहत नहीं मिली, क्योंकि तहसीलदार के नहीं मिलने पर कोर्ट ने उन्हें अगली तारीख दे दी। मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ तहसील कोर्ट ने कोहाकुंडा गांव में अवैध कब्जे को लेकर कोर्ट की ओर से १० लोगों को नोटिस जारी किया गया। नोटिस में कहा गया कि तय तारीख को कोर्ट में न हाजिर होने पर १० हजार रुपए के अर्थदंड के साथ ही उनको बेदखल किया जा सकता है। साथ ही किसी भी तरह के निर्माण पर भी रोक लगा दी गई।
इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई की तारीख तय की गई। कोर्ट की ओर से जिन १० लोगों को नोटिस दिया गया, उसमें कोहाकुंडा के वॉर्ड २५ में बना शिव मंदिर भी शामिल है। किसी पुजारी का नाम नहीं होने के कारण सीधे शिव मंदिर को ही नोटिस जारी कर दिया गया। चूंकि नोटिस में प्रतिवादी के हाजिर नहीं होने पर १० हजार रुपए अर्थदंड लगाने की बात कही गई थी। ऐसे में स्थानीय लोगों ने शिवलिंग को ही मंदिर से उखाड़ लिया और ट्रॉली पर उसे रखकर कोर्ट पहुंच गए। वहां पहुंचने पर भी राहत नहीं मिली, क्योंकि बाहर नोटिस लगा हुआ था कि पीठासीन अधिकारी किसी अन्य राजस्व कार्य में व्यस्त हैं, इसके चलते मामले की अगली सुनवाई के लिए १३ अप्रैल की तारीख निर्धारित कर दी गई।

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