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अब ७५ नहीं ७०, दूसरी पंक्ति के भाजपाई भी होंगे `तड़ीपार’!

मोदी-शाह ने बनाई कटिंगनीति
५६ वरिष्ठ नेता होंगे आउट
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों में लग गई है। माना जा रहा है कि जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा चुनाव की तारीखों के एलान से पहले ही उम्मीदवारों की घोषणा कर देगी, लेकिन इस बार भाजपा नीति कुछ और होगी।
अपने बुजुर्ग सांसदों एवं इच्छुकों को झटका देने के मूड में हैं। इसके लिए भाजपा ७० पार के फार्मूला वाला नया प्लान भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह द्वारा `कटिंगनीति’ शामिल है। कह जा रहा है कि दूसरी पंक्ति के भाजपाई नेताओं को `त़ड़ीपार’ करने की योजना मोदी-शाह ने बनाई है। सूत्रों की मानें तो इस बार भाजपा ७० साल के आयु वालों को प्रत्याशी नहीं बनाएगी। ७० साल के लोगों को रिटायर मानकर उन्हें टिकट नहीं देगी। यानी पिछले चुनाव में जो आयुसीमा ७५ साल थी वह अब ७० कर दी गई है। मोदी-शाह द्वारा बनाई गई इस नई `कटिंगनीति’ से भाजपा के ५६ मौजूदा सांसद आउट होंगे, जिसमें राजनाथ सिंह जैसे बड़े नेता शामिल हैं। इससे पहले भाजपा में ७५ साल से अधिक आयु वालों को टिकट नहीं दिया गया था। कहा तो यह भी जा रहा है कि भाजपा का यह नया नियम मोदी-शाह के लिए लागू नहीं माना जाएगा।
कम हुए भाजपा के सहयोगी
पिछली बार की तुलना में इस बार उसके सहयोगी दलों की संख्या कम हो गई है। २०१९ में भाजपा का पंजाब में शिरोमणि अकाली दल, बिहार में जेडीयू, तमिलनाडु में एआईएडीएमके और राजस्थान में हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के साथ तालमेल था। जिस वजह से भाजपा ने पंजाब की १३ में से तीन, महाराष्ट्र की ४८ में से २५ और बिहार की ४० में से १७ सीटों पर चुनाव लड़ा था। वहीं तमिलनाडु में एआईएडीएमके ने भाजपा को पांच सीटें दी थीं। इस बार इन राज्यों में भाजपा अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

नए चेहरों पर दांव लगाना
बन सकता है हार की वजह
सूत्रों की मानें तो इस बार भाजपा ७० वर्ष से अधिक उम्र और तीन बार से अधिक बार जीते लोकसभा सांसदों को टिकट न देने का मन बना रही है। पार्टी की कोशिश है कि नए चेहरों पर दांव लगाया जाए। ऐसे में भाजपा के हार की संभावनाएं अधिक जताई जा रही हैं। भाजपा अपने इतिहास में इस बार सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने ५४३ में से ४३६ सीटों पर चुनाव लड़ा था, इनमें १३३ सीटों पर वो चुनाव हार गई थी। पिछली बार उसके सहयोगी दलों के हिस्से में जो सीटें मिली थीं।

राजनाथ और वीके सिंह जैसे वरिष्ठ नेता होंगे बाहर
इस बार के लोकसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा युवा और महिला नेताओं पर दांव लगा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ७० साल से अधिक उम्र के नेताओं को घर भेजने की तैयारी कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर वीके सिंह तक भाजपा के ५६ ब़ड़े नेता लोकसभा चुनाव की रेस से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में भाजपा की इस कटिंगनीति से कई वरिष्ठ नेताओं का आउट होना तय है।

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