मुख्यपृष्ठनए समाचारअब बहुरूपिए शिवसेना हड़पने आए हैं? -उद्धव ठाकरे

अब बहुरूपिए शिवसेना हड़पने आए हैं? -उद्धव ठाकरे

सामना संवादादाता / मुंबई
रावण ने संन्यासी के भेष में सीता का हरण किया, उसी तरह बालासाहेब का नकली मुखौटा लगाकर कुछ बहुरुपिए शिवसेना को हड़पने आए हैं। क्या आप ऐसा होने देंगे? शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के ऐसा कहते ही पूरे शिवतीर्थ में शिवसैनिकों की जोरदार ‘नहीं’ की आवाज गूंज उठी। कल शिवतीर्थ पर शिवसेना की ऐतिहासिक दशहरा रैली को शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा और ‘मिंधे’ गुट के हिंदुत्व की खूब बखिया उधेड़ी।
शिवसेनापक्षप्रमुख ने जैसे ही ‘यहां जुटी तमाम माताओं और बहनों से भाषण की शुरुआत की, वैसे ही पूरा शिवतीर्थ ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। उद्धव ठाकरे ने शिवसैनिकों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अभूतपूर्व सम्मेलन हो रहा है‌। इतनी भारी भीड़ देखकर, मैं इससे गदगद हो गया हूं। बहुत कुछ बोलना है लेकिन इस प्रेम के आगे शब्द नहीं सूझ रहे हैं। यह प्रेम खरीदा या छीना नहीं जा सकता। इसीलिए डॉक्टरों ने न झुकने की सलाह दी है, इसके बाद भी मैं आप लोगों के सामने नतमस्तक हुआ हूं। आप लोगों का सुरक्षा कवच मेरे साथ है। यहां उमड़ी भीड़ किराए पर नहीं आई है। यहां एक निष्ठा और पुण्य है, यही ठाकरे परिवार की कमाई है। उन्होंने बागी विधायकों पर हमला बोलते हुए कहा कि शिवसेना के साथ जिन्होंने गद्दारी की, उन्हें गद्दार ही कहेंगे। उनके माथे पर लगा गद्दारी का धब्बा इस जन्म में नहीं पोंछा जा सकता है। मेरी सर्जरी हुई थी, तब जिन्हें जिम्मेदारी दी गई थी वे कटप्पा की तरह शिवसेना को ही काट रहे थे। शिवसेना फिर से नहीं आ सकती, ऐसी बातें कही जा रही थीं लेकिन यह उद्धव नहीं बल्कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे है। मां जगदंबा का आशीर्वाद मेरे साथ है। आपका भला हो यह मेरे तेज का श्राप है। आपको सब कुछ दिया, सांसद, विधायक, मंत्री सब बनाया लेकिन पार्टी के साथ गद्दारी की और छोड़ गए। जिन्हें कुछ नहीं दिया वे मेरे साथ हैं।
गद्दारों की गद्दारी हो जाएगी रावण की तरह भस्म
उपस्थित शिवसैनिकों को संबोधित करते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख ने कहा कि सर्जरी के समय मेरा शरीर निश्चेत पड़ा हुआ था। उस समय एक अंगुली भी नहीं हिल रही थी। ऐसे वक्त में जवाबदारी जिन ‘कटप्पा’ को दिया था, वे कटप्पा शिवसेना को ही काट रहे थे। यह फिर से खड़ा नहीं हो सकेगा। यह फिर से अपने साथ आ ही नहीं सकेगा। लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि ये उद्धव ठाकरे नहीं, बल्कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब शिवसेना से गद्दारी की है तो गद्दार ही कहेंगे। इन गद्दारों की गद्दारी रावण की तरह ही भस्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पीठ पर हमला किया। उसे सबक सिखाने के लिए मैंने कांग्रेस-राकांपा के साथ गठबंधन किया। ऐसे में क्या मैंने हिंदुत्व को छोड़ दिया? इसके साथ ही सीएम शिंदे पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैंने मुख्यमंत्री की शपथ ली थी, तो उन्हें भी सम्मान दिया था। साथ में मंत्री पद की शपथ भी दिलाई थी, तब आप क्यों नहीं बोले? क्या उस समय आपकी दाढ़ी मुंह में चली गई थी?
भगवान उनका भला करें
विशाल जनसैलाब को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जो शक्ति मां जगदंबा ने दी है, उस शक्ति से इन्होंने पंगा लिया है, भगवान उनका भला करें। उन्होंने कहा कि यह धमकी नहीं, बल्कि ये आपके तेज का श्राप है। बाप मंत्री, बेटा सांसद, विधायक, नगरसेवक सभी दिया। जिन्हें दिया वे नाराज होकर चले गए और जिन्हें कुछ नहीं दे सका, वे अपनी ताकत के साथ आज भी हमारे साथ निष्ठा भाव से खड़े हैं। यह मेरा नसीब ही है।
एकनिष्ठों की है शिवसेना
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेनाप्रमुख जो हमेशा कहते थे, वह मैं आज कह रहा हूं कि शिवसेना अकेले-दुकेले की नहीं, बल्कि मर्दों और एकनिष्ठ शिवसैनिकों की है। जब तक आप हमारे साथ हैं, तब तक मैं पक्षप्रमुख हूं। मुझे पक्षप्रमुख रहना है या नहीं, यह आपको ही तय करना है। एक भी निष्ठावान शिवसैनिक कहेगा `गेट आउट’, उसी समय मैं सीढ़ी से उतरकर घर चला जाऊंगा। लेकिन यह आप में से किसी को कहना पड़ेगा।

कांग्रेस-राकांपा के साथ मिलकर कर दिखाया
शिवसेनापक्षप्रमुख ने कहा कि हमने कांग्रेस-राष्ट्रवादी के साथ सरकार बनाई। इसलिए हम पर हिंदुत्व छोड़ने का आरोप लगाया। भाजपा ने पीठ में छुरा घोंपा इसलिए हमने कांग्रेस-राष्ट्रवादी के साथ मिलकर सरकार बनाई। औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव किया। मंत्रिमंडल की बैठक में जब यह प्रस्ताव आया तो अगले ही क्षण कांग्रेस-राष्ट्रवादी ने उसको अनुमति दे दी। कांग्रेस-राष्ट्रवादी के साथ हम हिंदुत्व को ही बढ़ा रहे थे। कांग्रेस-राष्ट्रवादी ने हमें पूरा सम्मान दिया। मेरा माइक छीनने या मेरे कान में कुछ कहने की कोशिश नहीं की। आप सत्ता के लिए कांग्रेस से मिलने गए थे, इसका खुलासा अशोक चव्हाण ने किया है। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने अपना वादा तोड़ा। देवेंद्र फडणवीस कह रहे थे, मैं फिर आऊंगा। वे आए और एक-दो दिनों में विसर्जन हो गया। अब फिर उपमुख्यमंत्री बनकर सत्ता में आए हैं। तब शिवसेना के ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। अब ढाई साल का कार्यकाल वैâसे स्वीकार है?

अच्छा हुआ चले गए गद्दार
उद्धव ठाकरे ने कहा कि एक तरह से अच्छा हुआ कि गद्दार चले गए। हम परजीवियों को पाल रहे थे। हम उन कीड़ों को अपनी शाखाओं पर खिलाते थे। मगर वे नहीं जानते कि वृक्ष की जड़ भूमि में होती है। परजीवियों की खुद की पहचान नहीं होती। अब शरीर पर आ ही गए हैं तो उन्हें महाराष्ट्र के कोने-कोने में सींग पर लेना ही होगा। उन्हें हर चुनाव क्षेत्र में पानी पिलाना होगा।

आ गई हैं बाप चुरानेवाली औलादें
शिवसेनापक्षप्रमुख ने कहा कि शिवाजी  पार्क  शिवसेना को न मिल सके, इसके लिए साजिश रची गई। कोर्ट ने न्याय दिया। कोर्ट के फैसले  के बाद मुख्यमंत्री कहते हैं कि अगर मैंने ध्यान दिया होता तो शिवसेना को यह मैदान नहीं मिलता। गद्दार तो हैं ही, अब धनुष-बाण भी चाहिए, बालासाहेब भी चाहिए और शिवतीर्थ भी चाहिए, यह सब लेकर कहां जाओगे? बाप चुरानेवाली औलादें आ गई हैं। अपने नाम के पीछे दूसरे के पिता का नाम क्यों लगा रहे हो? इतने दिनों तक याद नहीं आनेवाले आनंद दिघे अब याद आ रहे हैं। आनंद दिघे वफादार शिवसैनिक थे, जाते समय भी भगवे में गए, उन्होंने भगवा कभी नहीं छोड़ा।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरा मन था कि इस सभा की बजाय उनकी सभा में जाकर नए हिंदुत्व के विचार सुनूं। ‘ईडी’ के कार्यालय में जाते ही तुरंत उनके हिंदुत्व की गागर छलकने लगती है।

क्या है आपका हिंदुत्व?
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री के हिंदुत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आपका हिंदुत्व क्या है? अन्य सभी धर्मों के लोग देशद्रोही, क्या यही आपका हिंदुत्व है? या फिर कोई भी हो, वह हमारा है, यह हिंदुत्व है? भाजपा का साथ छोड़ दिया, इसका मतलब ये नहीं है कि हमने हिंदुत्व छोड़ दिया। शिवसेना ने कभी अपना हिंदुत्व नहीं छोड़ा। सिर्पâ माला जपना और धोती पहनना हमारा हिंदुत्व नहीं है। हमें हिंदुत्व न सिखाओ। बिना निमंत्रण जाकर नवाज शरीफ के जन्मदिन का केक खाना व मुफ्ती मोहम्मद के साथ गठबंधन कर सरकार बनानेवाले हमें हिंदुत्व सिखा रहे हैं। धर्म अपने घर पर रखो। घर से बाहर कदम रखा तो यह देश हमारा धर्म है। यदि कोई हमें धर्म की मस्ती सिखाएगा तो उनके सामने हम कट्टर देशाभिमानी हिंदू के तौर पर खड़े रहेंगे। केवल माला जपने से हिंदू नहीं होता। हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के विचारों का हवाला देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि आपके हाथ में माला हो और सामने आतंकवादी खड़ा हो तो राम-राम जपने से आतंकी नहीं भागेगा। उसको उसी की भाषा में जवाब देना होगा। आपके हाथ में भी स्टेनगन होनी चाहिए। कश्मीर में आतंकवादियों को भागनेवाले शहीद सैनिक औरंगजेब हमारा भाई था।

हिंदुत्व को लेकर खुली बहस की चुनौती
हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर खुली बहस करने की चुनौती देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि चलो एक बार सभी हिंदुत्ववादी संगठन एक मंच पर आएं। वे अपना-अपना हिंदुत्व बताएं। मैं अपने पूर्वजों से मिला हिंदुत्व बताऊंगा। शिवसेनाप्रमुख ने कहा था कि हमारा हिंदुत्व चुरकीधारी नहीं बल्कि राष्ट्रीयता से जुड़ा हुआ है। पूरी व्याख्या स्पष्ट है। कह रहे हैं विचार छोड़ दिया। शिवसेनाप्रमुख ने कई बार कहा है कि जो देश से प्रेम करता है, चाहे मुसलमान ही क्यों न हो वह हमारा है।

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