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अब ‘आप’ की बारी… विपक्षी मनीष पर कसा शिकंजा!

  • दिल्ली चुनाव से पहले केजरीवाल को कमजोर करने का आरोप
  • २१ जगहों पर सीबीआई के ताबड़तोड़ छापे

रमेश ठाकुर / नई दिल्ली
२०२४ की तैयारियों में जुटी केंद्र की भाजपा सरकार अपने विरोधियों को निपटाने का कोई मौका छोड़ नहीं रही है। इसी कड़ी में अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा  सख्त होता जा रहा है। ऐसे में लोग इसे दिल्ली चुनाव से पहले केजरीवाल को कमजोर करने की केंद्र  की साजिश बता रहे हैं। नई आबकारी नीति में गड़बड़ी के आरोप को लेकर दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने कुछ दिनों पहले ही सीबीआई से जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद जांच में जुटी सीबीआई की दर्जन भर टीमों ने कल मनीष सिसोदिया के २१ ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई करीब १३ घंटों तक चली।
दिल्ली सरकार की नई शराब नीति में वित्तीय अनिमितताओं को लेकर भाजपा ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाए थे, जिनमें प्रमुख नाम मनीष सिसोदिया का है। कुल १५ आरोपी हैं। शुक्रवार को सुबह आठ बजे सीबीआई ने सबसे पहले मनीष सिसोदिया के सरकारी आवास और उनकी कार्यालय पर छापेमारी करके मामले से संबंधित कई कागजी दस्तावेजों को जप्त किया। शराब नीति में घपलेबाजी को लेकर सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज की है जिसमें १५ आरोपी हैं, मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में १२०-बी, ४७७-ए और सेक्शन-७ जैसी धाराएं दर्ज हैं।
राजनीति गरमाई
सीबीआई की छापेमारी से राजधानी की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। पूर्व ‘आप’ व भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा दिल्ली का दूसरा ठग भी जल्द सलाखों में होगा, तीसरे की बारी है। वहीं, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सीबीआई की कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कहा, शराब के नाम पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने लूट मचाई हुई है।
पूरी दिल्ली में जगह-जगह शराब की दुकानें खोलकर शहर को दारू का अड्डा बना दिया है। ‘आप’ के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने सीबीआई की छापेमारी को भाजपा की साजिश बताते हुए कहा, जब केजरीवाल के घर छापा मारा गया था तो ४ मफलर मिले थे, अब मनीष सिसोदिया के घर भी सीबीआई को पेंसिल और कॉपी के अलावा कुछ नहीं मिलेगा।
क्या है पूरा मामला?
मालूम हो मुख्य सचिव ने दो महीने पहले अपनी एक रिपोर्ट उप-राज्यपाल को सौंपी थी जिसमें जीएनसीटीडी एक्ट-१९९१, ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स-१९९३, दिल्ली एक्साइज एक्ट-२००९ और दिल्ली एक्साइज रूल्स-२०१० के नियमों का उल्लंघन होना बताया गया था। ये भी बताया था कि नई शराब नीति में लाइसेंस देने के नियमों में जमकर अनदेखी हुई। सरकार ने टेंडर के जरिए शराब ठेकेदारों के १४४ करोड़ रुपए माफ किए, जिसमें मनीष सिसोदिया की भूमिका को प्रत्यक्ष बताया गया। उसी रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज कर शुक्रवार को छापेमारी की।

हम सीबीआई का स्वागत करते हैं। जांच में पूरा सहयोग देंगे ताकि सच जल्द सामने आ सके। अभी तक मुझ पर कई केस किए गए लेकिन कुछ नहीं निकला। इसमें भी कुछ नहीं निकलेगा। देश में अच्छी शिक्षा के लिए मेरा काम रोका नहीं जा सकता। – मनीष सिसोदिया

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