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अब चीन की नहीं खैर… भारत के आगे होगा ढेर! हवा में करेगा दुश्मनों का काम तमाम

  • इस स्वदेशी मिसाइल के आगे थर-थर कांपेगा चीन!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

हिंदुस्थान बहुत जल्द अपने नाम एक और उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। एक बार फिर चीन को मुंह की खानी पड़ सकती है। बहुत जल्द भारतीय वायुसेना में ३०० किलोमीटर की रेंज की एयर-टू-एयर मिसाइल शामिल होने जा रही है। एयरफोर्स में इस मिसाइल के शामिल हो जाने के बाद हिंदुस्थान की ताकत काफी बढ़ जाएगी। भारत की यह ताकत देखकर निश्चित तौर पर चीन थर-थर कांपने वाला है। गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना में जल्द ही दो एयर-टू-एयर मिसाइल शामिल होने जा रही हैं। इनमें से एक मिसाइल की रेंज १६० किलोमीटर तक होगी, वहीं दूसरी मिसाइल हवा में ही ३०० किलोमीटर की रेंज तक दुश्मन का सफाया कर देगी। ये दोनों मिसाइल स्वदेशी हैं। इन मिसाइलों के लॉन्च होने के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत काफी बढ़ जाएगी।
२०२४ तक लॉन्च होगी दोनों मिसाइल
एयरफोर्स के एक अधिकारी के हवाला से बताया कि इन मिसाइलों के नाम अस्त्र एमके-२ और एमके-३ हैं। अस्त्र एमके-२ अगले साल वहीं एमके-३ की साल २०२४ में टेस्टिंग होने की संभावना है। ये प्रोजेक्ट रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के लिए बेहद अहम है।
अभी मौजूद अस्त्र एमके-१ मिसाइल की रेंज १०० किमी तक है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
रक्षा मंत्रालय ने ३१ मई को भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना को अस्त्र एमके-१ मिसाइलों और संबंधित उपकरणों से लैस करने के लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ २,९७१ करोड़ रुपए के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इसे रक्षा निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का एक कदम माना जा रहा है। डीआरडीओ ने अस्त्र एमके-१ और संबंधित सिस्टम के उत्पादन के लिए बीडीएल से टेक्नोलॉजी शेयर की है।
चीन को देगी मात
बता दें कि चीन ने एयर-टू-एयर मार करनेवाली मिसाइल पीएल-१५ डेवलेप किया है। इसकी रेंज १६० किमी तक है। इस मिसाइल को दुनिया की सबसे ताकतवर मिसाइलों में से एक माना जाता है। लेकिन अब भारत में बनने जा रही अस्त्र मिसाइल इस मामले में चीन को मात देगी।
कई लड़ाकू विमानों में होगी शामिल
अधिकारियों ने कहा कि अस्त्र एमके -१ मिसाइल को सुखोई-३० लड़ाकू विमानों के साथ पूरी तरह से एकीकृत कर दिया गया है और अब यह तेजस हल्के लड़ाकू विमान सहित अन्य लड़ाकू विमानों की क्षमताओं में इजाफा करेगी। साथ ही नौसेना के मिग-२९ के लड़ाकू विमान, जो भारत के आईएनएस विक्रमादित्य से संचालित होते हैं, अस्त्र एमके-१ मिसाइल से लैस होंगे।

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