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अब दिल्ली में ऑपरेशन लोटस! ‘आप’ विधायकों की मीटिंग में नहीं पहुंचे ९ विधायक

केजरी सरकार गिराने के लिए भाजपा ८०० करोड़ खर्च करने को तैयार

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली में ‘ऑपरेशन लोटस’ के मुद्दे पर सियासी बवाल जारी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई थी, जिसमें डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत ९ विधायक नहीं पहुंचे। हालांकि सिसोदिया को लेकर पार्टी ने कहा कि वे हिमाचल दौरे पर गए हैं। वहीं सूत्रों के मुताबिक कुछ विधायकों से पार्टी हाईकमान का संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। मीटिंग के बाद केजरीवाल राजघाट पहुंचे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भाजपा हमारे ४० विधायकों को खरीदना चाह रही है। सभी विधायकों को २०-२० करोड़ का ऑफर दिया जा रहा है। भाजपा ८०० करोड़ रुपए खर्च कर दिल्ली सरकार गिराना चाहती है। ७० सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में ‘आप’ के ६२ और भाजपा के ८ विधायक हैं।
२० करोड़ देने का दिया था ऑफर
‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार को कोई खतरा नहीं है। सरकार स्थिर है और जो विधायक नहीं आए हैं, वो अपने-अपने काम से बाहर गए हैं। भाजपा ने हमारे १२ विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए ऑफर दिया है। संजय सिंह ने कहा कि हमारे विधायक संजीव झा, सोमनाथ भारती, कुलदीप कुमार और एक अन्य विधायक को भाजपा ने पार्टी छोड़ने के बदले २० करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया है। संजय सिंह के साथ सोमनाथ भारती भी थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने मुझे कहा कि ‘आप’ के २० और विधायक हमारे संपर्क में हैं।
दिल्ली में ‘आप’ और भाजपा के बीच तकरार
आबकारी नीति को लेकर दिल्ली में पहली बार १९ अगस्त को मनीष सिसोदिया के घर पर ईडी ने छापेमारी की थी। यह छापेमारी करीब १४ घंटे तक चली थी, जिसके बाद ईडी ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद से ही ‘आप’ केंद्र में सत्ताधारी दल भाजपा के खिलाफ मुखर है। सिसोदिया ने छापे के बाद कहा था कि भाजपा ने उन्हें सीएम बनाने का ऑफर दिया था।

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