मुख्यपृष्ठविश्वअब ‘शरीफ’ सेना करे ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर’ पर साइन!

अब ‘शरीफ’ सेना करे ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर’ पर साइन!

बच जाएगी पाकिस्तानियों की जान
डॉ. अमजद अयूब मिर्जा की सलाह
एजेंसी / इस्लामाबाद
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में दाने-दाने को मोहताज हुई जनता अब अपनी सेना और शासकों से परेशान हो चुकी है। जनता मुखर होकर सरकार और सेना के खिलाफ आवाज उठाने लगी है। पाकिस्तानी के सीमाई क्षेत्र खासकर पीओके में तो लोग पाकिस्तान से छुटकारा पाना चाहते हैं और हिंदुस्थान में शामिल होने की बात कर रहे हैं। इस पर ब्रिटेन में रहने वाले पीओके के कार्यकर्ता डॉ. अमजद अयूब मिर्जा पाकिस्तान पर लगातार हमलावर नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि समय आ गया है जब हिंदुस्थान को आगे आना चाहिए और पीएम शाहबाज शरीफ की पाकिस्तानी सेना के लिए एक और इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर तैयार करना चाहिए।
बता दें कि पिछले कई वर्षों से पाक अधिकृत कश्मीर को पाकिस्तान से आजाद कराने की मुहिम चला रहे डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में भुखमरी के हालात हैं और लोग मर रहे हैं। डॉ. मिर्जा का कहना है कि पाकिस्तान में हर दिन हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। खासकर पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में लोगों के पास खाना नहीं है, बिजली नहीं है, पीने का पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां वैसे ही हालात बन गए हैं जो १९७१ में बांग्लादेश में बने थे। पाकिस्तान की आर्मी को ये समझ लेना चाहिए कि वो पीओके में शासन करने में सक्षम नहीं है और उसे अपने हथियार डाल देने चाहिए। डॉ. मिर्जा ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को लाइन ऑफ कंट्रोल पर भारतीय सेना से मिलकर इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर पर साइन कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के इस कदम से खून-खराबे की नौबत नहीं आएगी और बेगुनाह लोगों की जान नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में लोग हिंदुस्थान से मिलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में खाद्य वस्तुओं की भारी कमी देखने को मिल रही है। यहां दंगे जैसे हालात बन रहे हैं। बाग और मुजफ्फराबाद सहित कई क्षेत्रों को आटे की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। लोग इस्लामाबाद और पीओके सरकार को खाने की भारी कमी के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आटे के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। खाद्य संकट और महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इस संकट के दौर में बच्चों तक को भी खाना नहीं मिल रहा है।

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