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अब यूपी में बजेगा प्रचार मॉडल का ढिंढोरा! …एक-एक मंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस  लेने का दिया आदेश

• एक-एक योजना का पूरा ब्योरा देंगे योगी के मंत्री
सामना संवाददाता / लखनऊ । यूपी में योगी सरकार के दूसरी बार सत्तासीन होने पर विकास कम लेकिन राज्य में अपराध ज्यादा दिखाई दे रहा है। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब प्रचार मॉडल का ढिंढोरा पीटने की तैयारी में जुटे है। सीएम योगी अपने मंत्रियों को आदेश दिया है कि एक-एक मंत्री प्रेस कॉन्प्रâेंस कर झूठे विकास का प्रचार करें। जानकारी के अनुसार योगी सरकार का १०० दिन का एजेंडा तैयार हो गया है। इस एजेंडे के तहत जिम्मेदारों को ऐसे-ऐसे टास्क दिए गए हैं, जिसका न सिर्फ जनता से सीधा वास्ता है, बल्कि नौकरी से लेकर सुरक्षा और समाधान से लेकर कानून-व्यवस्था तक का पुख्ता इंतजामात करने का पूरा मसौदा तैयार कर लिया है। योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों से लेकर अधिकारियों तक को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगले १०० दिन का एजेंडा तैयार कर उसकी जानकारी जनता को दें।
ट्रिलियन इकोनॉमी के लिए रोडमैप
बता दें कि उत्तर प्रदेश को अर्थव्यवस्था राह पर आगे बढ़ाती नहीं दिखाई दे रही है। योगी सरकार भले ही यह तय किया है कि दस अलग-अलग प्राथमिक सेक्टर बनाए जाए उनके टारगेट को पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से समीक्षाएं शुरू हो लेकिन इस पर कितना अमल होगा यह कयाह लगना शुरू को गया है। भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन इकोनामी के लिए तैयार करना सरकार का लक्ष्य भले ही रखा है लेकिन योजना के तहत इस लक्ष्य को पाने के लिए मुख्यमंत्री की कोई ठोस उपाय नहीं दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दूसरा कार्यकाल कितना असरदार होने वाला है इसके लिए तय नहीं किया गया है हर ३० दिन पर यानी कि एक महीने के भीतर पिछले ३० दिनों की समीक्षा की जाएगी। उसके परिणाम देखे जाएंगे। उत्तर प्रदेश शासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि एक महीने के भीतर हर विभाग की प्रगति रिपोर्ट तो तैयार की जाएगी। योजना अनुरूप सरकार ने ३० दिन, १०० दिन और ६ महीने के साथ फिर एक साल का पूरा लक्ष्य बड़ी बड़ी योजनाओं के अनुरूप तैयार करने का निर्देश दिया है।
कसौटी पर खरा उतरना चाहती है सरकार
जिस तरीके से इस बार योगी सरकार को पूर्ण बहुमत के साथ जनता ने दोबारा सरकार में चुना है, इसलिए सरकार उनकी सभी कसौटी पर खरा उतरना चाहती है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और योगी सरकार २.० में वैâबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना कहते हैं कि उनकी सरकार जनता के लिए ही है।

संकल्प पत्र का असर नहीं
पार्टी के संकल्प पत्र का असर तो नहीं दिख रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहली बैठक के बाद इस पर अमल करने के दिशा-निर्देश जरूर जारी कर दिए हैं। पहले चरण में योगी सरकार क्या बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के लिए काम करेगी। योगी ने सभी महकमों को निर्देश दिया है कि वह अपने विभाग में खाली पदों का पूरा ब्यौरा तैयार कर उनके समक्ष रखें। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए योगी आदित्यनाथ ने १०० दिन के भीतर पूरा मसौदा तैयार कर उस पर अमल करने के लिए निर्देश जारी किए हैं।

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