" /> अब घर बैठे मिलेंगे लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस!…. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों योजना का शुभारंभ

अब घर बैठे मिलेंगे लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस!…. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों योजना का शुभारंभ

१०० करोड़ रुपए की होगी बचत
२०० अधिकारियों को मिलेगी तनाव से मुक्ति
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब घर बैठे ही लर्निंग लाइसेंस लोगों को मिल जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य में शुरू की गई इस ऑनलाइन महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से नए दोपहिया व चार पहिया वाहनों का पंजीकरण भी कराया जा सकेगा। इस योजना के माध्यम से न केवल १०० करोड़ रुपए की बचत होगी बल्कि २०० अधिकारियों को काम के दबाव से मुक्ति भी मिलेगी। इस योजना का शुभारंभ कल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों किया गया।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भविष्य में सरकारी विभागों द्वारा जो सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकती हैं, उन्हें ई-गवर्नेंस पर आधारित नए तरीके से अपनाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है। महाराष्ट्र को विकास में अग्रणी राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में नई तकनीक के माध्यम से बेहतर सेवाएं प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षित यात्रा के साथ ज्यादा से ज्यादा
ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध करा के आम जनता के समय, धन और श्रम को बचाने की कोशिशों पर बल दिया जाए। तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराते समय सुरक्षित परिवहन सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
परिवहन विभाग ने कल वितरकों के माध्यम से जनहित में यह महत्वाकांक्षी कदम उठाया। ‘सारथी ४.०’ आधुनिक प्रणाली के अंतर्गत आधार क्रमांक से संलग्न ऑनलाइन लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस एवं ऑनलाइन वाहन पंजीकरण प्रणाली का उद्घाटन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों किया गया। इस कार्यक्रम में परिवहन मंत्री अनिल परब, एनआईसी, नई दिल्ली की महानिदेशक डॉ. नीता वर्मा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीषकुमार सिंह, प्रधान सचिव विकास खारगे, सचिव आबासाहेब जNहाड, परिवहन आयुक्त अविनाश ढाकणे, परिवहन उपायुक्त जितेंद्र पाटील सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बचेगा खर्च, कम होगा तनाव
राज्य में हर साल १५ लाख से अधिक लर्निंग लाइसेंस जारी होते हैं और २० लाख से अधिक नए वाहन पंजीकृत होते हैं। इस काम के लिए संबंधित लोगोेंं का तकरीबन १०० करोड़ रुपए का खर्च होता है। अब यह सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होने से खर्च की बचत होगी। साथ ही लोगों के समय और श्रम में भी बचत होगी, इससे करीब २०० अधिकारियों पर पड़नेवाला कार्य का भार कम करने में मदद मिलेगी और तनाव भी कम होगा, इसके साथ ही विभाग के काम की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
परिवहन सेवा में यह क्रांतिकारी कदम- अनिल परब
जनहित में दो ऑनलाइन सेवाओं के उद्घाटन को इस क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बताते हुए परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा कि आज के कोरोना प्रकोप के दौरान भीड़ को टालने के लिए विभाग द्वारा नियमित कामकाज शुरू रखने के लिए यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं। विभाग द्वारा अब तक जनहित की ८५ सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, ऐसी जानकारी इस अवसर पर परब ने दी। इस मौके पर विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से राज्य में कोरोना के प्रकोप की चुनौती का सामना करते हुए विभाग ने ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से एक नई कार्य संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि लर्निग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। नए वाहनों के पंजीकरण के लिए इससे पहले मोटर वाहन निरीक्षकों द्वारा वाहनों का निरीक्षण किया जाता था, अब वाहन निरीक्षण की आवश्यकता को हटा दिया गया है और वितरक स्तर पर तुरंत नए वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा। सभी दस्तावेज वाहन वितरक द्वारा ई-हस्ताक्षर फॉर्म में डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) का उपयोग करके तैयार किए जाएंगे इसलिए कार्यालय में वाहन या दस्तावेज जमा करने की कोई आवश्यकता अब नहीं होगी। वाहन वितरक द्वारा टैक्स और शुल्क का भुगतान करते ही वाहन नंबर जारी कर दिया जाएगा।