मुख्यपृष्ठनए समाचारखतरे में परमाणु ऊर्जा केंद्र! सुरक्षाकर्मी ने ही लगाई सुरक्षा में सेंध!

खतरे में परमाणु ऊर्जा केंद्र! सुरक्षाकर्मी ने ही लगाई सुरक्षा में सेंध!

सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदुस्थान का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र पालघर जिले के तारापुर में स्थित है। चूंकि यह परियोजना देश की सुरक्षा के मामले में बहुत संवेदनशील है, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल इस स्थान पर कड़ी नजर रखता है लेकिन परमाणु ऊर्जा केंद्र की सुरक्षा पर कथित तौर पर सेंध लगने की घटना सामने आई है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। दरअसल पालघर जिले के तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का एक जवान गुरुवार दोपहर से अपनी पोस्टिंग से गायब हो गया है। इस जवान के पास एक पिस्टल और ३० जिंदा कारतूस हैं। जवान के लापता होने से सुरक्षा एजेंसियां परमाणु ऊर्जा केंद्र की सुरक्षा कड़ी कर दी है, साथ ही इसकी शिकायत तारापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।
पालघर जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश गायकवाड के मुताबिक लापता जवान का नाम मनोज यादव है। जवान मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहनेवाला है और दो महीने पहले देश की अत्यधिक संवेदनशील भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और तारापुर परमाणु ऊर्जा स्टेशन की सुरक्षा में तैनात हुआ था। दोनों केंद्र की सुरक्षा सीआईएसएफ के जवान २४ घंटे करते हैं। जवान शिफ्ट के एक घंटा पहले अपना हथियार लेते हैं। ड्यूटी समय खत्म होने के बाद हथियार को जमा कराते हैं।
पुलिस के मुताबिक लापता मनोज यादव कथित रूप से गुरुवार दोपहर को हथियार लिया था लेकिन उसे जमा नहीं कराया और लापता हो गया है। इसकी जांच के लिए पुलिस की एक टीम जवान के मूल गांव चंदौली जिला गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हथियार मुहैया करानेवाले सीआईएसएफ के जवान के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि हथियारों की देखरेख करनेवाले जवान ने एसओपी का पालन नहीं किया था। लापता जवान की ड्यूटी टाइमिंग चेक करने के बाद घटना को टाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस और सीआईएसएफ के जवान मामले की जांच कर रहे हैं।

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