मुख्यपृष्ठसमाचारमुंबई में बढ़ी परियोजना प्रभावित  बेघरों की संख्या!

मुंबई में बढ़ी परियोजना प्रभावित  बेघरों की संख्या!

-२०१९ में ३५ हजार घरों की थी आवश्यकता… अब बढ़कर हुई ७५ हजार 

-अब तक बने मात्र ५ से ६ हजार घर

सामना संवाददाता / मुंबई 

मुंबई में एक साथ कई परियोजनाएं चल रही हैं और इस वजह से पिछले चार वर्षों में परियोजना प्रभावित लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है। कुछ वर्ष पहले तक मुंबई में प्रोजेक्ट पीड़ितों के लिए करीब ३५ हजार घरों की जरूरत थी, जो बढ़कर अब करीब ७५ हजार हो गई है। हैरानी की बात यह है कि अब तक मात्र पांच से छह हजार लोगों को ही घर उपलब्ध हो पाए हैं।
मुंबई महानगरपालिका और राज्य सरकार की तरफ से विभिन्न परियोजनाएं शुरू की गई हैं और इन परियोजनाओं के कारण आवासीय या गैर-आवासीय निर्माण प्रभावित हुए हैं। ऐसे परियोजना प्रभावित लोगों का निशुल्क पुनर्वास किया जाना है। सरकार की तरफ से मुंबई के नागरिकों को बुनियादी नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं की योजना बनाई गई है। विकास योजना में कई परियोजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान प्रभावित होने वाले ‘पात्र’ परियोजना पीड़ितों को वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए। परिवहन योजनाओं, जल आपूर्ति और सीवेज परियोजनाओं, सड़कों के चौड़ीकरण, नालियों के चौड़ीकरण आदि कार्यों से प्रभावित निवासियों को आवास दिए जाने की आवश्यकता है। हालांकि, मनपा के पास परियोजना प्रभावित लोगों को घर उपलब्ध कराने के लिए फ्लैटों की कमी है और इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। आवासीय परिसर के लिए संपत्ति विभाग द्वारा और गैर-आवासीय निर्माण के लिए बाजार विभाग द्वारा वैकल्पिक स्थान प्रदान किया जाता है। लेकिन अक्सर परियोजना से प्रभावित लोग अपने रहने वाले क्षेत्र में वैकल्पिक जगह चाहते हैं। अत: वैकल्पिक सीटों की समस्या दिन-ब-दिन जटिल होती जा रही है।
संसाधनों की कमी 
परियोजना के निर्माण के दौरान प्रभावित व्यक्तियों का पुनर्वास प्रक्रिया का हिस्सा है और उन्हें ३०० वर्ग फुट का एक घर दिया जाता है। परियोजना प्रभावित लोगों के लिए घरों के निर्माण के लिए संसाधन बहुत सीमित हैं। पिछले सात वर्षों में मनपा को केवल २,११३ पुनर्वास घर मिले हैं जबकि, मनपा ने अपने स्वयं के भूखंडों में ३,०९१ नए पुनर्वास घरों का निर्माण किया है। मनपा को वर्ष २०१९ में ३५,००० पुनर्वास घरों की आवश्यकता था, जिसके बाद अब २०२३ में मनपा ने स्पष्ट किया है कि परियोजना पीड़ितों के लिए ७४,७५२ आवासीय फ्लैट की जरूरत है।
परियोजना प्रभावित कर रहे हैं विरोध 
इससे पहले मनपा की तरफ से परियोजना पीड़ितों के लिए माहुल, चेंबूर, मानखुर्द में घर उपलब्ध कराए गए थे। मुंबई भर में मनपा की तरफ से शुरू होनेवाले बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं जैसे सड़क विकास, नालों के चौड़ीकरण, स्कूलों और अस्पतालों के निर्माण आदि से प्रभावित परियोजना पीड़ितों को वहां स्थानांतरित किया गया है। हालांकि, परियोजना प्रभावितों ने इस विशेष स्थान पर प्रवास का विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप परियोजनाएं रुकने लगी हैं।

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