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भाजपा की कथनी और करनी में अंतर, केंद्र सरकार के कारण ओबीसी आरक्षण रद्द!

• सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुली भाजपा की पोल
• कांग्रेस नेता नाना पटोले का आरोप
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा शासित राज्य मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भाजपा के झूठे दावों की पोल खोल दी है। इससे साबित हो गया कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। भाजपा की केंद्र सरकार नहीं चाहती कि ओबीसी समुदाय को आरक्षण मिले। यह आरोप कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने लगाया है। पटोले के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने पैâसला दिया है कि मध्य प्रदेश के निकाय चुनाव ओबीसी आरक्षण के बगैर कराए जाएं। इससे ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को लेकर महाविकास आघाड़ी को दोषी ठहराने वाले नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस का झूठ उजागर हो गया है। मंडल आयोग ने ओबीसी को आरक्षण दिया, तब इसके विरोध में भाजपा ने उन दिनों कमंडल यात्रा निकाली थी। नाना पटोले ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इम्पिरीकल डेटा नहीं दिया, इस वजह से ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण का मुद्दा खड़ा हुआ। बार-बार मांग करने के बावजूद केंद्र सरकार ने आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए।

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