मुख्यपृष्ठनए समाचारआवारा और बीमार कुत्तों के  आतंक में जी रहे ठाणेकर!

आवारा और बीमार कुत्तों के  आतंक में जी रहे ठाणेकर!

स्वयंसेवी संस्था की सहायता से मनपा करेगी कंट्रोल
महानगरपालिका में २१ लोगों ने किया आवेदन
सामना संवाददाता / ठाणे
मुख्यमंत्री का गढ़ माने जानेवाले ठाणे शहर में दिन-ब-दिन आवारा और बीमार कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इससे नागरिकों में भय का माहौल व्याप्त है। कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए महानगरपालिका के पशु चिकित्सा विभाग के माध्यम से नसबंदी पर जोर दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मैनपावर की कमी के कारण मनपा को आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना अक्सर मुश्किल होता है। इसे ध्यान में रखते हुए मनपा की तरफ से एनिमल केयर गिवर (स्वयंसेवी) नियुक्त किया जा रहा है। इसके लिए पशु प्रेमियों से आवेदन मंगाए गए हैं। इसके लिए २१ आवेदन प्राप्त हुए हैं। मनपा स्वास्थ्य पशु विभाग का कहना है कि इन सभी को ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे आवारा एवं लावारिस कुत्तों पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।
मनपा लेगी पशु प्रेमियों की मदद
बता दें कि ठाणे शहर के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों का आतंक पैâल रहा है। इस बीच ठाणे मनपा क्षेत्र में आवारा कुत्तों के काटने से कई लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। हालांकि, कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए मनपा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी नसबंदी की जाती है। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार, मार्च २०२२ से अक्टूबर २०२३ तक ठाणे नगर निगम के भीतर ६४ हजार ४९१ आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई है। लेकिन मनपा के पशु चिकित्सा विभाग की अपर्याप्त मैनपावर के कारण यदि कुत्ते को पकड़ने के लिए कोई वाहन ले जाया जाता है, तो अक्सर कुत्तों के भाग जाने के मामले सामने आते हैं। इससे आवारा कुत्तों को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। इस पर ध्यान देते हुए मनपा प्रशासन ने इन कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए उस क्षेत्र के पशु प्रेमियों की मदद लेने का पैâसला किया है। इसके लिए पशुओं की देखभाल करने वालों की एक टीम बनाई जाएगी। पशु चिकित्सा विभाग ने बताया कि अब तक २१ आवेदन प्राप्त हुए हैं।
कुत्तों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी- क्षमा शिरोडकर
मनपा के पशु चिकित्सा अधिकारी क्षमा शिरोडकर ने बताया कि ठाणे मनपा क्षेत्र में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए एनिमल केयर गिवर की नियुक्ति की जाएगी। इस समय इन पशुओं की देखभाल करने वाले को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें एनिमल गिवर को कुत्तों के दो तरह की जानकारी दी जाएगी, जैसे एक ही समय में कई कुत्तों का ध्यान आकर्षित करना और सड़क पर चलती गाड़ी पर भौंकना। इन पर वैâसे नियंत्रण किया जाए, इसकी भी जानकारी दी जाएगी। पशु चिकित्सक ने बताया कि इससे उन कुत्तों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

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