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वसई-विरार के लोगों की कब बुझेगी प्यास… एमएमआरडीए ने पानी छोड़ा, मनपा ने रोका

सूर्या प्रोजेक्ट के तहत छोड़ा गया १८५ मिलियन लीटर पानी

शिवसेना ने उठाई थी आवाज

अभिषेक कुमार पाठक / मुंबई

वसई-विरार के लोग हर रोज सूर्या वाटर प्रोजेक्ट से आने वाले पानी के लिए आस लगाए बैठे हैं, लेकिन पानी को मनपा ने रोक रखा है। सरकार द्वारा भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने दिवाली के अवसर (११ नवंबर २०२३) पर सूर्या प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत वसई-विरार को प्रतिदिन १८५ मिलियन लीटर पानी छोड़ना शुरू कर दिया था, जिससे कि वसई-विरार की पानी के किल्लत का समाधान किया जा सके, इसके बावजूद लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, एमएमआरडीए की तरफ से पानी छोड़ा जा रहा है, पर वसई-विरार महानगरपालिका इसे लोगों तक पहुंचाने में असफल साबित हो रही है। सूत्रों ने बताया कि वसई-विरार महानगरपालिका के पास लोगों के घर तक पानी पहुंचाने का सिस्टम अब तक तैयार नहीं है।
हो सकता है आर्थिक नुकसान
सूर्या प्रोजेक्ट के चलते कई लोगों ने कई हाउसिंग प्रोजेक्ट में पैसा इन्वेस्ट किया है, लेकिन अगर समय से पानी नहीं आया तो इन घरों के दाम नीचे गिर जाएंगे। साथ ही पानी नहीं होने से कई लोगों के बिजनेस पर भी असर पड़ेगा। बता दें कि वसई-विरार और मीरा-भायंदर क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या है और इसी समस्या को हल करने के लिए सूर्या प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी।
शिवसेना ने उठाई थी आवाज
इसी को लेकर सितंबर में शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) पक्ष की तरफ से आंदोलन भी किया गया था। उनका कहना था कि मौजूदा सरकार सूर्या प्रोजेक्ट को चुनाव का मुद्दा बना रही है। इस आंदोलन के बाद एमएमआरडीए ने आश्वासन दिया था कि नवरात्रि के पहले पानी दिया जाएगा। फिलहाल, टनल की साफ-सफाई का काम जारी है, लेकिन अभी तक सरकार से बस आश्वासन मिला है, पानी मिलना अभी भी बाकी है। वसई-विरार मनपा जलापूर्ति विभाग का कहना है कि एमएमआरडीए द्वारा सूर्या प्रोजेक्ट के पहले चरण के ट्रायल के लिए पानी दिया गया है, जिसके ट्रायल का काम चल रहा है और इस वजह से हम लोगों के घरों तक पानी नहीं छोड़ रहे है।

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