मुख्यपृष्ठसमाचारओली की चुनावी गोली! नेपाल को साबित करेंगे असल राम जन्मभूमि!

ओली की चुनावी गोली! नेपाल को साबित करेंगे असल राम जन्मभूमि!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने जब से भगवान राम को नेपाली और अयोध्या नगरी के नेपाल में होने की बात कही है, तब से हिंदुस्थान में लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक उनके इस बयान की आलोचना हो रही है। नेपाल सीमा से सटे माता सीता की नगरी सीतामढ़ी में खूब हो-हल्ला मचा हुआ है। लोग नेपाली प्रधानमंत्री के खिलाफ आंदोलन पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि नेपाल के पीएम केपी ओली ने अपने देश में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राम का असली जन्मस्थान नेपाल में है। नेपाल के पीएम राम के नाम पर चुनावी हथकंडा  अपनाकर अपना उल्लू सीधा करने में लगे हैं। नेपाल में डूबती नैया को पार करने के लिए केपी ओली राम जन्मभूमि के नाम की गोली छोड़ दिए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बयान पर लोगों का कहना है कि नेपाल के प्रधानमंत्री ने जिस तरीके से बयान दिया है उससे यह साबित हो रहा है कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। माता सीता की जन्मस्थली कहे जाने वाले शहर सीतामढ़ी के पुनौराधाम के लोगों में भी नेपाल के पीएम के बयान पर भारी गुस्सा है। पुनौराधाम के महंत कौशल किशोर दास ने कहा है कि रामजन्मभूमि को लेकर लंबे अरसे से विवाद चल रहा था, जिस विवाद का निपटारा देश की न्यायिक संस्था के द्वारा किया गया। लेकिन अब नेपाल के प्रधानमंत्री अपने बेतुके बयान के जरिये भारत में अस्थिरता पैदा करना चाह रहे हैं, इसे लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
आंदोलन करेंगे सीतामढ़ी के लोग
सामाजिक कार्यकर्ता रीतेश रमण सिंह ने कहा है कि नेपाल सरकार लगातार अपनी बेतुकी हरकतों से भारत को आघात पहुंचाने की कोशिश कर रही है। भारतीय महिलाओं को ६ साल बाद नागरिकता देने का मामला हो या फिर भारतीय न्यूज चैनलों पर नेपाल में प्रतिबंध लगाना, सभी हरकतें गैर वाजिब हैं। अब धार्मिक भावनाओं पर नेपाल के प्रधानमंत्री के इस बयान से देश के करोड़ों जनमानस को भारी ठेस पहुंची है।

बयान से खफा राम जन्मभूमि के संत
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंधों को नेपाल के प्रधानमंत्री ओली खत्म कर रहे हैं। चीन जैसे कपटी देश का दोस्त बनकर भारत के भाईवाले रिश्ते को ठोकर मार रहे हैं। ओली का बयान उनकी कुंठित और भ्रमित मानसिकता को दिखाता है। सीता-राम भारत ही नहीं, पूरे विश्व में पूजे जाते हैं। नृत्यगोपाल दास ने कहा कि नेपाल भी भारतीय परंपराओं पर चलने वाला रहा है। इसे कोई भी चीनी भक्त प्रधानमंत्री मिटा नहीं सकता है।
ओली को अयोध्या का कोई ज्ञान नहीं
अयोध्या राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास ने ओली को मूर्ख कहा। उन्होंने कहा कि नेपाल का भारत और अयोध्या से त्रेता युग से संबंध रहा। शास्त्रों में अयोध्या प्रमाणित है, नेपाल के पीएम को ज्ञान ही नहीं है। ओली को जनकपुर व अयोध्या का कोई ज्ञान नहीं है। मां सीता और राम के संबंध में भी उसे ज्ञान नहीं है। अयोध्या रामादल ट्रस्ट ने तो नेपाली पीएम ओली के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ शुरू कर दिया है।
ओली मानसिक रूप से बीमार
सनकादिक आश्रम के महंत और संत समिति अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा कि नेपाली कम्युनिस्ट प्रधानमंत्री नेपाल के साथ गद्दारी कर रहे हैं। उनकी भूमिका संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि अयोध्या और श्रीराम भारत की आत्मा हैं, साथ ही माता जानकी की जन्मभूमि भी हमारे लिए पूज्य रहीं है। इसलिए नेपाल और भारत के संबंधों को माओवादी किसी कीमत पर खत्म नहीं कर पाएंगे। सदन गोलाघाट महंत सियाकिशोरी शरण ने कहा कि अयोध्या और श्रीराम को नेपाल के बताने वाले लोग मानसिक बीमार हैं। वैसे ओली जैसे चीनी भक्तों को यह पता होना चाहिए कि माता जानकी नेपाल की पुत्री थीं और राजाराम का साम्राज्य कहां तक था। इस तरह पूरे नेपाल पर अयोध्या का राज रहा है।

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