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वन नेशन-वन इलेक्शन और ईवीएम दोनों फ्रॉड ! संजय राऊत का जोरदार हमला

सामना संवाददाता / नासिक
नासिक में आयोजित एक प्रेस कॉन्प्रâेंस में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के नेता व सांसद संजय राऊत ने वन नेशन वन इलेक्शन और ईवीएम पर जोरदार हमला बोला। एक राष्ट्र एक चुनाव और ईवीएम दोनों प्रâॉड हैं और भाजपा के लिए हमेशा सत्ता में बने रहने के लिए फेंका गया एक जाल है। जिस दिन ईवीएम चली जाएगी, उस दिन भाजपा ग्राम पंचायत का चुनाव भी नहीं जीत पाएगी। यदि भाजपा को अपनी क्षमताओं पर इतना भरोसा है, तो उसे सभी चुनावों से ईवीएम को हटा देना चाहिए। राऊत ने कहा कि वाराणसी या सूरत का चुनाव बिना ईवीएम के करके दिखाएं तब उन्हें पता चलेगा। लोकतंत्र में ईवीएम एक दुर्घटना जैसा है। लोगों को इस पर भरोसा नहीं है। संजय राऊत ने यह भी कहा कि ईवीएम ने आधे लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। अगर इसमें वन नेशन वन इलेक्शन भी जोड़ दिया जाए तो भी देश में लोकतंत्र खत्म हुए बिना नहीं रहेगा।
विपक्ष ईवीएम के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठा रहा? पत्रकारों के इस सवाल पर संजय राऊत ने कहा कि बहुत प्रयास किए गए हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया है लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस देश की संवैधानिक संस्थाएं इस उम्मीद से बनाई गई थीं कि वे स्वायत्त और स्वतंत्र हों, लेकिन वे वैसी नहीं रहीं। दुनियाभर के देशों ने ईवीएम प्रक्रिया को खत्म कर दिया है, लेकिन भारत में यह जारी है। यह भाजपा ही थी, जिसने इस प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई और ईवीएम को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने कहा कि, ये वही भाजपा है जो आज ईवीएम के पीछे बैठी है।
यह भी कई बार साबित हो चुका है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। देश में भ्रष्टाचार है, तानाशाही है, ये साबित करने के बावजूद कोर्ट चुप है। महाराष्ट्र में असंवैधानिक सरकार है, दलबदल १०वीं अनुसूची का उल्लंघन है, इसका सबूत देने के बावजूद कोर्ट ने कुछ नहीं किया। न्यायालय को किस साक्ष्य की आवश्यकता है? सारे सबूत विधानसभा अध्यक्ष के सामने हैं, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें सबूत नहीं मिले हैं। राऊत ने कड़ा सवाल भी पूछा कि अगर संवैधानिक संस्था का काम ऐसे ही चल रहा है तो सबूत कौन मांग रहा है।

नागपुर रेलवे स्टेशन की नहीं, बाबरी गुंबद की तस्वीरें हैं हमारे पास

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शिवसेना नेता संजय राऊत ने अयोध्या संघर्ष मामले में जमकर सुनाया है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद कांड के समय तो भाजपा के लोग भाग गए थे। बालासाहेब ठाकरे ने उस समय कमान संभाली थी। उन्होंने कहा कि अयोध्या संघर्ष में शिवसेना के योगदान पर सवाल उठाना देवेंद्र फडणवीस की संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक है। नासिक में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हम नासिक में अयोध्या के कारसेवकों का अभिवादन और सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में शिवसेना कारसेवकों ने अपना धर्म निभाया था। हमारे पास पुलिस स्टेशन, हम पर की गई कार्रवाई और अदालत की पेशियों के सबूत हैं। हमें आपको प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है। देवेंद्र फडणवीस के ट्वीट वाले फोटो पर बोलते हुए राऊत ने कहा कि क्या आप नागपुर स्टेशन से आगे पहुंच गए? आप सभी लोग घूमने के लिए नागपुर स्टेशन गए होंगे, लेकिन हमारे पास बाबरी गुंबद की वास्तविक तस्वीरें हैं।

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