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घाती सरकार को विपक्ष की चेतावनी शीतकालीन सत्र में खोलेंगे सत्ताधारियों की फाइलें!

सामना संवाददाता / मुंबई
हाल ही में हुए विधानमंडल के मानसून सत्र में विपक्ष के नेता के तौर पर विजय वडेट्टीवार को सिर्फ डेढ़ दिन का समय मिला। इस दौरान अंतिम सप्ताह के प्रस्ताव के माध्यम से तबादलों के लिए चल रहे लाखों रुपयों के लेन-देन के साथ ही विभिन्न विभागों के अनुचित काम-काजों को उजागर करने का उन्होंने प्रयास किया। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने चेतावनी देते हुए एलान किया कि शीतकालीन सत्र में सत्ता पक्ष की भ्रष्टाचार की फाइलें बाहर निकालेंगे।
विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की फौज लगाकर विरोधी दलों में फूट डालने का धंधा केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से चल रहा है। एक तरफ विपक्ष की संख्या बल कम है, तो दूसरी तरफ महंगाई, किसान आत्महत्या, अतिवृष्टि, बिजली दर वृद्धि, बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरा जाएगा। विपक्षी दल अब सदन के साथ-साथ सड़क पर भी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
भागने को मजबूर कर देंगे
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि भले ही हम संख्या में कम हैं, लेकिन हमारे पास ईमानदारी और चुनौती का सामना करने की ताकत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आनेवाले समय में महाविकास आघाड़ी के माध्यम से राज्य में सत्ता दलों के अनियमित कामकाज को उजागर कर सरकार के मंत्रियों को दूम दबाकर भागने के लिए मजबूर कर देंगे। विरोधी दलों के पास भले ही संख्या बल कम है फिर भी चुनौतियों का सामना करने की ताकत हमारे पास है। मैं एक जुझारू व्यक्ति हूं। सदन में कम संख्या बल के कारण हमारी आवाज सरकार नहीं दबा पाएगी। मैंने गढ़चिरौली जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में शिवसेना की शाखाएं शुरू की हैं। मुझे नक्सलियों ने धमकी भी दी है। इस पद तक पहुंचने में कई कठिनाइयां आर्इं। इस तरह संघर्ष करके इस पद तक पहुंचा हूं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन विरोधी पक्षनेता केशवराव धोंडगे, मनोहर जोशी, छगन भुजबल जैसे दिग्गजों की तामील में तैयार हुआ मैं भी पहलवान हूं।
अब तोड़फोड़ के चक्कर में न पड़ें
अजीत पवार विपक्ष के नेता पद की कुर्सी से सीधे सत्ता पक्ष के पाले में चले गए। वडेट्टीवार ने सत्ता पक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी विपक्षी नेता एक जैसे नहीं होते हैं इसलिए इस तोड़फोड़ में न पड़ें।

विपक्ष की आवाज दबाना घातक
हाल ही में राजनीति में नफरत बढ़ी है। आप सत्ताधारी और हम विपक्षी यानी दुश्मन नहीं हैं। संख्या के बल पर दबाने की कोशिश करना लोकतंत्र, परंपरा, अगली पीढ़ी के लिए घातक है। वडेट्टीवार ने कहा कि अगर सरकार के तौर पर आपकी जिम्मेदारी है तो विपक्ष के तौर पर हमारी भी जवाबदारी है। समान निधि आवंटन के लिए अजीत पवार ने अपने साथ के विधायकों को निधि आवंटन में थोड़ी छूट दी। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात कर निधि आवंटन में इस असमानता को दूर करने की मांग की है। हमें उम्मीद है कि निधि आवंटन में असंतुलन दूर हो जाएगा। अगर हमें उनसे न्याय नहीं मिला तो हम जनता के सामने जाएंगे और अन्याय को खत्म करेंगे।

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