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जेपी व विनोबा की विरासत सर्व सेवा संघ की जमीन को सरकारी कब्जे से मुक्त कराने को लेकर जन प्रतिरोध सभा का आयोजन

उमेश गुप्ता / वाराणसी
वाराणसी स्थित सर्व सेवा संघ पर सरकारी कब्जे के खिलाफ गुरुवार को शास्त्री घाट पर आयोजित प्रतिरोध सभा में सैकड़ों लोगों के हुजूम ने डबल इंजन की सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। बारिश के बावजूद तमाम किसान, महिलाएं और सर्वोदय से जुड़े शास्त्री घाट पर जमे रहे। आंदोलन का आगाज संयुक्त किसान मोर्चा ने किया था। इस मौके पर किसान नेता राकेश टिकैत ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि हमने अभी तय नहीं कर रखा है कि किसानों का ट्रैक्टर कहां जाएगा। जरूरत पड़ी तो देश भर के किसान अपना ट्रैक्टर लेकर बनारस कूच करेंगे। बीजेपी जमीन लूटने वाली पार्टी है, जिसे अब मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। प्रतिरोध सभा में एक्टिविस्ट मेधा पाटकर और योगेंद्र यादव ने गांधी विरासत पर हुए कथित कब्जे को देश के ढांचे पर हमला बताया।
बनारस के शास्त्री जन-प्रतिरोध सभा में बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी भी पहुंचे थे, जो आपातकाल के समय जेल गए थे। जन आंदोलनों से जुड़े सामाजिक संघर्ष के अंतरराष्ट्रीय स्तर के चेहरे आज शास्त्री घाट पर अगुवाई करते दिखे। सभास्थल पर लोगों ने मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। मौके पर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी को तानाशाह नेता कहा जाता था, लेकिन उस समय भी मीडिया का गला नहीं घोंटा गया था। आज की तरह अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरे नहीं बैठाए गए थे।
किसान नेता राकेश टिकैत ने गांधी के समर्थकों, किसानों, महिलाओं, प्रगतिशील लेखकों और पत्रकारों का आह्वान किया कि वे सर्व सेवा संघ को बचाने के लिए आगे आएं। महात्मा गांधी की हत्या के बाद लोकसत्ता और लोक-राजनीति के निर्माण के लिए इस संस्था की स्थापना की गई थी। सर्व सेवा संघ का कहना है कि वह प्रगतिशील, अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से गांधी के विचारों को दुनिया भर में फैलाने के लिए मुहिम चला रहा था। यह संस्था पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, विनोबा भावे, जगजीवन राम, जयप्रकाश नारायण, लालबहादुर शास्त्री के प्रयासों के बाद बनाई गई थी। सर्व सेवा संघ सिर्फ बापू की धरोहर है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जो लोग आज कुर्सी पर बैठे हुए हैं, वो धरोहर और विरासत शब्द का मतलब ही नहीं जानते।
एक्टिविस्ट मेधा पाटकर ने जन-प्रतिरोध सभा में मौजूद महिलाओं का आह्वान किया कि वे सर्व सेवा संघ को बचाने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं मजबूत स्तंभ बनकर सरकार के खिलाफ बिगुल नहीं बजाएंगी, तब तक सरकार की तानाशाही चलती रहेगी। आज देश को गांधी के सत्याग्रह की जरूरत है। बीजेपी और आरएसएस को गांधी के विचारों से ज्यादा खतरा नजर आता है। आरएसएस के लोग इसीलिए गांधी की विरासत को मिटाना चाहते हैं, ताकि वो गोडसेवाद का सिक्का चला सकें।

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