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हमारी लड़ाई दिल्लीश्वरों से है दादा जैसे असहाय से नहीं!… सुप्रिया सुले का हमला

सामना संवाददाता / मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की शिर्डी में निष्ठा-लोकतंत्र के संरक्षण अंतर्गत महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का दो दिवसीय शिविर ३ जनवरी से शुरू था। कल शिविर के आखिरी दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राकांपा की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि कई लोग सोचते हैं कि मुझे अजीत पवार के खिलाफ बोलना चाहिए, लेकिन मैं उनके खिलाफ नहीं बोलूंगी। हम उन लोगों से लड़ना नहीं चाहती, जो गरीब और असहाय हैं। इसलिए हमारी लड़ाई उन लोगों से है, जो हमसे श्रेष्ठ हैं। हमें दिल्ली में बैठे लोगों से लड़ना है। हमारी लड़ाई तो उनसे है। अगर दिल्ली ने आंखें बंद कर लीं तो वे घबरा जाते हैं, ऐसे शब्दों में सुप्रिया सुले ने हमला बोला है।
सुप्रिया सुले ने कहा कि चूंकि मेरे ऊपर ईडी, सीबीआई नहीं है, इसलिए मैं दादा की तरह दिल्लीश्वर से नहीं डरती। सुप्रिया सुले ने कहा कि मेरी ईमानदारी ही मेरी ताकत है। हमारी दादी अपनी योग्यता के आधार पर पुणे बोर्ड के लिए चुनी गर्इं, तब उनके पास कोई राजनीतिक विरासत नहीं थी। साथ ही ३८ साल की उम्र में शरद पवार अपनी पहल पर मुख्यमंत्री बने थे, उस समय मेरे और अजीत दादा जैसा कोई घराणेशाही नहीं था, ऐसा सुप्रिया सुले ने कहा।

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