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सवाल हमारे, जवाब आपके?

एक तरफ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षी ‘दुआरे राशन’ योजना को कोलकाता हाईकोर्ट ने गैरकानूनी करार दिया है। लेकिन वहीं २०२४ की तैयारियों में लगी पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में मुफ्त राशन योजना को और तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। क्या यह कोर्ट के आदेश की अवमानना नहीं है?

• क्या यह प्रलोभन नहीं?
एक ही देश में दो तरह का कानून समझ से परे दिखाई देता है। एक तरफ कोलकाता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी द्वारा जारी महत्वाकांक्षी योजना जो गरीबों को राशन देने की योजना है, उस पर रोक लगा दी है, वही केंद्र सरकार २०२४ के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दिसंबर २०२२ तक देश मे मुफ्त राशन योजना शुरू की है। क्या मुफ्त में लोगों को राशन देकर वोट बटोरने की प्रलोभन योजना नही है? कहां है चुनाव आयोग?
महेंद्र यादव, उल्हासनगर

•  न्यायपालिका भी राजनीतिक हस्तक्षेप के शिकार
देश में नियम-कानून सबके लिए समान है। जब पश्चिम बंगाल में ‘दुआरे राशन’ को हाईकोर्ट ने गैरकानूनी करार दिया है तो देश में ‘मुफ्त राशन’ योजना को अनुमति क्यों? क्या प्रधानमंत्री मोदी देश के कानून या संविधान से भी बड़े हैं या न्यायपालिका भी राजनीतिक हस्तक्षेप के शिकार है, इससे तो यही प्रतीत होता है।
-सरिता नाईक, मीरारोड

•  ‘मुफ्त राशन’ योजना पर भी लगे रोक
मुफ्त राशन योजना कामचोरी और गरीबी को बढ़ावा देती है। देश के विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जिस ‘दुआरे राशन’ योजना पर कोर्ट ने रोक लगाई है, ठीक उसी तरह मोदी सरकार की ‘मुफ्त राशन’ योजना पर भी रोक लगनी चाहिए।
-राकेश मिश्रा, दिवा, ठाणे

•  मुफ्तखोरी पर लगाम लगाओ?
विकास के मार्ग पर देश को ले जाने से पहले मुफ्तखोरी पर लगाम लगाना जरूरी है। आज देश के लोग स्वावलंबी होने के बजाय मुफ्त का घर, बिजली, पानी, राशन जैसी अन्य तरह की सुविधा लेने की कतार में खड़े हैं। चुनाव आयोग व न्यायालय ऐसी बातों को बढ़ावा देनेवालों पर चाबुक चलाए। पश्चिम बंगाल के लोगों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुफ्त राशन वितरण की शुरुआत की थी। उस पर न्यायालय ने रोक लगा दी। अब केंद्र सरकार ने शुरू की, उस पर भी रोक लगाने की जरूरत है।
-अशोक चौबे, बदलापुर

•  सुप्रीम कोर्ट में अपील की आवश्यकता
कोलकाता हाईकोर्ट ने ‘दूआरे राशन’ योजना को गैर कानूनी करार दिया है लेकिन केंद्र की योजना पर कोर्ट ने टिप्पणी नहीं की है। यह सोचनेवाली बात है। ममता सरकार को ऊपरी अदालत में अपील करनी चाहिए।
-उमेश हेरेकर, ठाणे

• देश में कुछ भी हो सकता है
ममता वाली ‘दुआरे राशन’ योजना में क्या खामी है, जिसके चलते उसे गैरकानूनी करार दिया जा रहा है, वहीं मोदी सरकार देश में ‘मुफ्त राशन’ योजना को तीन महीने और बढ़ा दिया है। इससे यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस देश में कुछ भी हो सकता है। वैसे कोरोना काल में मुफ्त राशन योजना से काफी लोगों को लाभ हुआ था।
-रवि वसीटा, उल्हासनगर

आज का सवाल?
भारत-नेपाल बॉर्डर के सीमावर्ती गांव में बांग्लादेशी और पाकिस्तानी मुसलमानों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके कारण हिंदू वहां से पलायन कर रहे हैं, जो कि देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। अवैध रूप से बढ़ रही आबादी को लेकर मोदी और योगी सरकार क्या कर रही है?
आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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