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सवाल हमारे : जवाब आपके!

चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा और केंद्र  सरकार मौन है। चीन सीमा पर कई संदिग्ध निर्माण कार्य में जुटा है। अब अमेरिकी सेना के प्रशांत क्षेत्र के कमांडिंग जनरल चा‌ल्र्स ए. फ्लिन ने भी हिंदुस्थान को आगाह करते हुए चीन के इस अस्थिर और शत्रुतापूर्ण व्यवहार को हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी बताया है।

चायना संबंध रखने के लायक नहीं
चाइना अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। आए दिन सुरक्षा नियमों की ऐसी की तैसी कर अपने आपको सुपर पॉवर साबित करने में लगा है। चाइना संबंध रखने के लायक नहीं है। उसके साथ हिंदुस्थान को उसी की भाषा में जवाब देना चाहिए।
सुभाष सिंह, उल्हासनगर

केंद्र को मजबूती से जवाब देना चाहिए
चीन की हरकतों को देखते हुए और उसकी हिम्मत को देखते हुए लगता है कि हिंदुस्थान में किसी की भी सरकार हो उसे कोई फर्क  नहीं पड़ता है। केंद्र सरकार को चीन की हरकतों का मजबूती से जवाब देना चाहिए।
अर्चना सिंह, डोंबिवली

विदेश नीति कमजोर साबित हो रही है
छप्पन इंच का सीना भी चीन की हिमाकत के सामने बौना दिखता नजर आ रहा है। विदेश नीति कमजोर साबित हो रही है। केंद्र सरकार को हाथ पर हाथ धरे बैठने की बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।
ममता श्रीवास्तव, कल्याण

केंद्र की ढुलमुल नीति
चीन की हरकतों से हिंद प्रशांत क्षेत्र में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, यह बात एकदम सही है। केंद्र को ढुलमुल नीतियों की बजाय कठोर निर्णय लेना होगा, वरना चीन हिंदुस्थान की जमीन पर कब्जा करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
प्रशांत रोकडे, अंबरनाथ

बड़े खतरे का इशारा
चीन एक विस्तारवादी देश है। वह धीरे-धीरे हिंदस्थान की जमीन पर कब्जा कर सकता है। अमेरिकी सेना द्वारा जो रिपोर्ट तैयार की गई है वह एक बड़े खतरे की तरफ इशारा कर रही है। सरकार से ज्यादा हमे सेना पर भरोसा है।
वीरेंद्र यादव, दिवा ठाणे

सख्त कदम उठाने की आवश्यकता
चीन अपनी नापाक हरकतों से न तो कभी बाज आया था और न कभी बाज आएगा। चीन जिस भाषा में समझना चाहता है, हिंदुस्थान को उसी भाषा में समझाना चाहिए। केंद्र में बैठी मोदी सरकार क्यों चुप है? यह नहीं पता।
पूजा मिश्रा, बोरीवली

आज का सवाल?
यूपी के सीतापुर स्थित स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालय में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगानेवाले देशद्रोही नहीं है क्या? क्या यह देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास नहीं है?
आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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