मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनासवाल हमारे : जवाब आपके!

सवाल हमारे : जवाब आपके!

यूपी के सीतापुर स्थित स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालय में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगानेवाले देशद्रोही नहीं हैं क्या? क्या यह देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास नहीं है?

 ये अपमान है
यूपी के सीतापुर शौचालय में लगी भगवान की तस्वीर क्या वहां की सरकार को नहीं दिखती? वहां तो योगीजी की सरकार है। स्वच्छता के नाम पर देवी- देवताओं का अपमान नहीं तो और क्या है? ‘दोपहर का सामना’ के माध्यम से हम योगी सरकार को यह कहना चाहते हैं कि ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।’
-किरण पाटील, विरार

 कड़ा दंड दिया जाना चाहिए
शौचालयों में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर लगानेवाले भी देशद्रोही की श्रेणी में आते हैं। ताज्जुब इस बात का है कि स्वच्छ भारत अभियान केंद्र सरकार के स्वच्छता मिशन का ही हिस्सा है। तो क्या इसमें सरकारी तंत्र से जुड़े लोगों का हाथ है? इसमें संलिप्त लोगों के नाम उजागर कर उन्हें कड़ा दंड दिया जाना चाहिए।
-दिलीप मिश्रा, मोतिहारी, बिहार

 विद्रोह की स्थिति
शौचालय में देवी-देवताओं की तस्वीर लगानेवाले लोग सबसे बड़े देशद्रोही हैं। उनके इस तरह के कृत्य के कारण देश अशांत हो जाता है। समाज में विद्रोह की स्थिति पैदा हो जाती हैं। निरपराध लोग परेशान होते हैं। ऐसे शरारती लोगों से कठोरता के साथ निपटना चाहिए, जिससे सबक लेकर दूसरा कोई ऐसा कार्य करने से पहले एक बार परिणाम के विषय में सोचने को मजबूर हो जाए।
-शिवपूजन मिश्रा, बदलापुर

दंडात्मक कार्रवाई हो
स्वच्छ भारत केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया अभियान है। स्वच्छ भारत अंतर्गत बने शौचालय में देवी- देवताओं की तस्वीर लगानेवालों के ऊपर देशद्रोह का मामला दर्ज होना ही चाहिए। इसकी गहनता से जांच करके उनके ऊपर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
-सुदीप्ति सिंह, विरार

अपमान सहन नहीं
सीतापुर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए सार्वजनिक शौचालय में देवी-देवताओं की तस्वीर लगाकर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को चाहिए कि वो ऐसे अराजक तत्वों के साथ सख्ती बरते।
-महेश पाठक, अंबरनाथ

सजा मिलनी चाहिए
यह बहुत ही अच्छा अभियान है, लेकिन उत्तर प्रदेश के सीतापुर में बने शौचालय में देवी-देवताओं की तस्वीर लगाना सरासर गलत है। जिस भी ठेकेदार या स्वच्छता मिशन के तहत काम करनेवाले लोगों ने ऐसा गलत काम किया है, वो दोषीr है और उस आदमी को सजा मिलनी ही चाहिए।
-विजय मौर्या, विरार (पूर्व)

आज का सवाल?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि चप्पल पहननेवाले लोग भी विमान में यात्रा कर सकें इसलिए उन्हें ध्यान में रखते हुए हवाई नीतियां बनाई जा रही हैं। अब सिर्फ पिछले दो महीने में विमान किराए में २० फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे हवाई यात्रा काफी महंगी हो गई है। ऐसा एविएशन फ्यूल के महंगे होने के कारण हुआ है। ऐसे में चप्पल पहननेवालों के हवाई यात्रा का सपना की बातें क्या सिर्फ हवा-हवाई ही थीं?
आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें

अन्य समाचार