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सवाल हमारे : जवाब आपके!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि चप्पल पहननेवाले लोग भी विमान में यात्रा कर सकें  इसलिए उन्हें ध्यान में रखते हुए हवाई नीतियां बनाई जा रही हैं। अब सिर्फ पिछले दो महीने में विमान किराए में २० फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे हवाई यात्रा काफी महंगी हो गई है। ऐसा एविएशन फ्यूल के महंगे होने के कारण हुआ है। ऐसे में चप्पल पहननेवालों के हवाई यात्रा का सपना की बातें क्या सिर्फ हवा-हवाई ही थीं?

गरीब का न करें मजाक
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि चप्पल पहनने वाले अर्थात गरीब लोग हवाई यात्रा कर सकेंगे। यह घोषणा एक प्रकार से गरीबों के लिए मजाक साबित हो रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण है तेल की कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी के चलते हवाई यात्रा का काफी महंगा हो जाना।
-दिनेश मिश्रा, उल्हासनगर

 महज शिगूफा है
चप्पल पहननेवालों को हवाई यात्रा करने की बात गरीबों के लिए महज मजाक ही है। जब पेट्रोल की बढ़ती कीमत का सामंजस्य ही सभी प्रदेशों मे समान नहीं है और तो और जब रेल की बढ़ती कीमतें मुश्किल पैदा कर रही हैं तो फिर हवाई जहाज की यात्रा महज शिगूफा साबित है।
-अरविंद शुक्ल, नालासोपारा

हर यात्रा हवा हवाई
चप्पलवालों को हवाई यात्रा तो मात्र जुमला ही है। सच्चाई तो यह कि अब हर यात्रा ही हवा हवाई हो रही है। प्रधानमंत्री अगर सचमुच ही गंभीर होते तो कुछ नतीजा निकलता भी, पर ये तो महज चुनावी स्टंट ही था।
-आशुतोष तिवारी, नालासोपारा

सपना, सपना ही रहा
मोदी सरकार जब से केंद्र  में विराजमान हुई है, तब से ही महंगाई अपने चरम पर आ पहुंची है। मोदी सरकार ने सत्ता पाने के लिए आम गरीब जनता को हवाई यात्रा का सपना तो दिखाया लेकिन उस सपने को पूरा करने में केंद्र  सरकार अभी तक असफल रही है। हवाई यात्रा एक बार फिर महंगी हुई है, जिससे आम जनता का हवाई सपना, सपना ही रह गया है।
-सरिता ठाकुर, विरार

सपनों के सौदागर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सपनों के सौदागर साबित हुए हैं। उन्होंने कालाधन विदेशों से वापस लाने, महंगाई-भ्रष्टाचार खत्म करने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने आदि के सपने ही दिखाए थे, जिसे लोग सच समझ बैठे थे। वैसे ही चप्पल पहनने वालों के हवाई यात्रा का सपना ही उन्होंने दिखाया था, वो भी हवा हवाई हो गया, इसमें कोई नई बात नहीं थी।
-जटाशंकर मिश्र, सीतामढ़ी (बिहार)

ये हैं बुरे दिन
केंद्र  में सत्ता पाने के लिए मोदी सरकार ने अनेक वचन दिया था, लेकिन सत्ता पाने के बाद अपने ही वादे को पूरा करने में सरकार असफल रही है। ये बुरे दिन हैं। गरीब के पास खाने के लिए नहीं है, ऐसे में वह विमान यात्रा कहां कर पाएगा। ऊपर से हवाई यात्रा का किराया २० प्रतिशत बढ़ चुका है। गरीब जनता को हवाई यात्रा का सपना दिखानेवाली मोदी सरकार एक बार फिर फेल  रही है।
-दीपा साबले, डोंबिवली

महज शिगूफा है
चप्पल पहननेवालों को हवाई यात्रा करने की बात गरीबों के लिए महज मजाक ही है। जब पेट्रोल की बढ़ती कीमत का सामंजस्य ही सभी प्रदेशों मे समान नहीं है और तो और जब रेल की बढ़ती कीमतें मुश्किल पैदा कर रही हैं तो फिर हवाई जहाज की यात्रा महज शिगूफा साबित है।
-अरविंद शुक्ल, नालासोपारा

 हर यात्रा हवा हवाई
चप्पलवालों को हवाई यात्रा तो मात्र जुमला ही है। सच्चाई तो यह कि अब हर यात्रा ही हवा हवाई हो रही है। प्रधानमंत्री अगर सचमुच ही गंभीर होते तो कुछ नतीजा निकलता भी, पर ये तो महज चुनावी स्टंट ही था।
-आशुतोष तिवारी, नालासोपारा

महंगाई कंट्रोल करें
प्रधानमंत्री की करनी और कथनी में बहुत अंतर होता है। इसके बहुत उदाहरण है। ऐसे ही चप्पल पहननेवाले के हवाई यात्रा वाली घोषणा को समझें। वे सिर्फ महंगाई कंट्रोल कर दें, जिससे आम जनता परेशान है।
-संजय सिंह, काशीमीरा

 मध्यम वर्ग भी गरीब हुआ
आज तो मध्यम वर्ग भी गरीब होता दिखाई दे रहा है। अब चप्पल पहननेवाले लोगों के लिए हवाई यात्रा करना तो दूर बल्कि घर मे गैस जलाकर खाना बनाना ही टेढ़ी खीर साबित हो रही है।
-कपिल त्रिपाठी, कल्याण

कहना आसान, करना मुश्किल
चप्पल पहननेवाले क्या, बूट पहननेवाले को भी इस महंगी हवाई यात्रा करने के पहले सोचना पड़ेगा। चप्पल पहननेवालों के लिए इस महंगाई में घर चलाने पर भी आफत है, तो हवाई यात्रा कहां से करेंगे। कहना आसान है, करना मुश्किल है। केंद्र सरकार सिर्फ बोल बच्चन सरकार है।
-बिलाल पठान, विरार

आज का सवाल?
इस साल केंद्र  सरकार ने गेहूं के लिए ‘ओपन मार्केट  सेल स्कीम’ की घोषणा नहीं की, जिसका असर बेकरी प्रोडक्ट पर पड़ा है। कंपनियों कोे ब्रेड की कीमतों में ५ रुपए बढ़ाने पड़े और यह महंगा हो गया। जनवरी के बाद इस साल दूसरी बार ब्रेड की कीमतें बढ़ी हैं।
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