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सवाल हमारे… जवाब आपके!

सेना में भर्ती के नाम पर मोदी सरकार ने युवाओं को नौकरी देने की घोषणा की है। पर यह नौकरी सिर्फ ४ साल की होगी और इसके बाद उनका क्या होगा, इस पर सरकार खामोश है। क्या यह बेरोजगारों को झुनझुना थमाना नहीं कहा जाएगा? अब इसके विरोध में देश के कई शहरों में युवा रोड पर उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।

युवाओं का सही कदम
आज फौज में ४ वर्ष नौकरी देने का केंद्र सरकार ने नया हथकंडा अपनाया है। ४ वर्ष में नौकरी से हटा दिया जाएगा। इससे कौन-सी बेरोजगारी दूर होगी? सरकार द्वारा किए जा रहे इस तरह के मजाक से युवाओं में आक्रोश व्याप्त हो गया है। युवा करे भी तो क्या करे? मरता क्या न करता की कहावत को चरितार्थ करने में लगे हैं? अर्थात देश के युवकों ने सड़क पर उतरकर उग्र व आक्रामक आंदोलन शुरू कर दिया है, जो जायज भी हैं।
बृजेश सिंह, उल्हासनगर

युवाओं पर अन्याय
केंद्र सरकार ने फौज में नौकरी देने का जो नया तरीका लाया है कि ४ वर्ष फौज में नौकरी करने के बाद उन्हें हटा दिया जाएगा और केवल २५ प्रतिशत लोगों को ही उनके हिसाब से नौकरी पर रखा जाएगा, नहीं तो उनको भी हटा दिया जाएगा। इसके विरोध में युवक जगह-जगह आंदोलन करके अपना विरोध जता रहे हैं कि ४ साल बाद फौज में नौकरी करने के बाद वे फिर से बेरोजगार हो जाएंगे, कहीं न कहीं केंद्र सरकार युवाओं के साथ अन्याय कर रही है ।
सत्य नारायन यादव, नालासोपारा

गलत निर्णय से देश अशांत
केंद्र सरकार के फौज में रोजगार देने के अजीबोगरीब निर्णय से देश के युवाओं ने आक्रामक रुख अपना लिया है। देश में आगजनी का तांडव शुरू हो गया है, जो रुकने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्र के गलत निर्णय से देश एक बार फिर से अशांत-सा हो गया हैं। सरकार के सामने सवाल खड़े हो रहे हैं कि ४ साल की फौज में नौकरी के बाद बेरोजगारी का शिकार युवक क्या करेगा? इस मुद्दे को लेकर लोग चिंता में हैं कि आखिर यह किस प्रकार का रोजगार हैं?
पम्मा अहिरे, उल्हासनगर

केंद्र सरकार ठीक नहीं कर रही
चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात ये कहावत फिट बैठ रही है। केंद्र सरकार ने चार साल फौज की नौकरी करने के बाद घर बैठो का प्रावधान लाकर ये ठीक नहीं कर रही है।
बबिता राय, नालासोपारा

सेना के निजीकरण का एक अध्याय है
सरकार की देश के युवाओं के लिए लाई गई अग्निवीर योजना रोजगार देने की बजाय बेरोजगारी बढ़ाएगी। यह सरकार का सबसे घटिया निर्णय है। इस योजना से यह साबित हो रहा है कि अपने कुछ नजदीकियों को फायदा पहुंचाने के लिए लॉन्च की गई है। क्योंकि सेना की नौकरी कर रिटायर होने के बाद उन्हें पूर्व सैनिक बताकर निजी सुरक्षा कंपनी चलानेवाले अपने यहां काम पर रखेंगे। सरकार का यह कदम सेना के निजीकरण का एक अध्याय है।
परेश बैदूर, अंधेरी

आज का सवाल?
भाजपा की अग्निपथ योजना से देश जल रहा है। पूरे देश में उग्र आंदोलन शुरू हो गया है। युवाओं में आक्रोश है। आंदोलन से राष्ट्रीय संपत्ति को काफी नुकसान हो रहा है। इस अराजकता की जिम्मेदार केंद्र सरकार पर आपका क्या कहना है? आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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