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सवाल हमारे…जवाब आपके !

भाजपा की अग्निपथ योजना से देश जल रहा है। पूरे देश में उग्र आंदोलन शुरू हो गया है। युवाओं में आक्रोश है। आंदोलन से राष्ट्रीय संपत्ति को काफी नुकसान हो रहा है। इस अराजकता की जिम्मेदार केंद्र  सरकार पर आपका क्या कहना है?

लोगों को विश्वास में ले
केंद्र सरकार को चाहिए कोई भी योजना शुरू करने से पहले लोगों को विश्वास में ले। पहले देशवासियों को समझाए फिर योजना को लागू करे। आज अग्निपथ योजना की शुरुआत अग्नि से हो गई है। युवाओं में आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस नुकसान के लिए केंद्र  सरकार को ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
-स्वप्निल जवीर, अंबरनाथ

युवा परेशान
अग्निपथ योजना में युवाओं को एक आशा दिख रही थी, लेकिन इसके चार वर्षों की अवधि से युवाओं में असंतोष व्याप्त हुआ है। बेरोजगारी से युवा परेशान है, अब इनका धैर्य टूट रहा है। इस अराजकता के लिए केंद्र  सरकार जिम्मेदार है, सरकार को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए।
-अमित मेहरा, दहिसर

देश बेहाल है
अग्निपथ योजना ने देश को बेहाल कर दिया है। ४ वर्ष रोजगार, फिर बेरोजगार यह समझकर युवाओं ने कई रेलगाड़ी जला दी है। सरकार को चाहिए आक्रोशित युवाओं को उनके द्वारा किए जा रहे इस तरह के अराजक कार्य को रोकते हुए राष्ट्रीय संपत्ति की बर्बादी की जवाबदारी अपने ऊपर लेनी चाहिए।
-श्रेयस मिश्रा, बदलापुर

बिना सोची-समझी योजना
विपक्षी दलों को बिना विस्वास में लिए केंद्र  की मोदी सरकार बिना सोचे-समझे योजनाओं को देश पर थोप देती है। ४ वर्ष की नौकरी के बाद युवा वर्ग क्या करेगा? उसका भविष्य क्या होगा? इस पर कोई विचार नहीं किया गया।
-आदर्श पराशर, सीतामढ़ी, (बिहार)

बिल्कुल गलत है
यह बिल्कुल गलत योजना है क्योंकि वेंâद्र सरकार ने अग्निपथ योजना को यूं ही लागू कर दिया है। किसी भी योजना को लागू करने से पहले सरकार का काम होता है कि उस योजना के दुष्प्रभाव और फायदे दोनों का आकलन करे। किंतु ऐसा नहीं हुआ।
-उज्ज्वल कुमार, ठाणे

केंद्र  की मनमानी
केंद्र  सरकार बिना किसी सलाह-मशविरा के ही अचानक अपनी योजनाएं लागू कर देती है, जिसका नुकसान आम जनता को उठाना पड़ता है। इससे पहले भी नोटबंदी, जीएसटी व कृषि कानून के दुष्प्रभाव आदि देखने को मिल चुके हैं। उसी प्रकार अब अग्निपथ योजना के तहत देश जल रहा है।
-रेशमा लोखंडे, टिटवाला

आज का सवाल?
मोदी सरकार ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी की थी। अब स्विट्जरलैंड के केंद्रीय  बैंक द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार २०२१ में हिंदुस्थानियों ने कुल ३०,५०० करोड़ रुपए वहां जमा कराए, जो २०२० से ५० फीसदी ज्यादा है। ऐसे में क्या नोटबंदी का उद्देश्य पूरा हुआ?
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