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सवाल हमारे… जवाब आपके!

कांग्रेस के नेता व सांसद राहुल गांधी से चौथे दिन की पूछताछ के बाद ईडी अधिकारियों ने उनसे कहा, ‘हम आपसे सवाल पूछते-पूछते थक गए पर आप नहीं थके।’ ईडी अधिकारियों की ये बातें इस बात का स्पष्ट इशारा है कि ईडी जबरन परेशान करने की नीयत से विपक्षी नेताओं को टारगेट कर रही है। आपको क्या लगता है?

डराने के लिए इस्तेमाल
विपक्ष के नेताओं को परेशान करने, डराने और अपने पक्ष में करने की नीयत से ही केंद्र  सरकार ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। यह बात राहुल गांधी से ईडी द्वारा की गई पूछताछ एक पुख्ता सबूत के रूप में सामने आ गई है और केंद्र  सरकार बेनकाब हो गई है।
-कार्तिक पटेल, भायंदर

ये दवाब तंत्र है
मौजूदा समय में तो यही लगता है कि केंद्र सरकार विरोधियों को परेशान करने की खातिर सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। राहुल गांधी हों, राष्ट्रवादी हो या फिर शिवसेना के नेता, सभी पर दवाब तंत्र इस्तेमाल किया जा रहा है।
-निर्मल चौधरी, डोंबिवली

कठपुतली है ईडी
केंद्र  सरकार के अधीन चलनेवाली ईडी इन दिनों स्वतंत्र जांच एजेंसी न बनकर उसकी कठपुतली बन गई है। ईडी चुन-चुनकर केवल विरोधी दल के नेताओं की जांच कर रही है। राहुल गांधी से कई दिनों की पूछताछ में यही सामने आया है। ईडी के जांच अधिकारी कहते फिर रहे हैं कि वे सवाल पूछते-पूछते थक गए पर राहुल गांधी नहीं थके। यह हरकत साबित करती है कि ईडी की आड़ में विरोधी दलों को परेशान किया जा रहा है।
-अखिलेश यादव, उल्हासनगर

केंद्र की जग हंसाई
यह बात जगजाहिर है कि ईडी का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जा रहा है। राहुल गांधी वाले मामले में तो बंद हो चुके मामले को खोला गया है। इस तरह की हरकतों से केंद्र  सरकार की जग हंसाई ही हो रही है।
-सुधीर सिंह, अंबरनाथ

दबाव में न झुकेंगे 
भाजपा की नीति है अपने विरोधियों को परेशान करना। वह सोचती है कि दबाव में आकर कांग्रेस के लोग उसके सामने घुटने टेकेंगे। इन्हीं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देश को आजाद कराया। कांग्रेसी किसी के दबाव में न झुकेंगे और न ही डरेंगे।
-अनिल गणाचार्य, सायन

परेशान करना गलत
केंद्र  सरकार की ये सब चाल है। विपक्ष को मजबूर करना और ईडी से परेशान करवाना। राहुल गांधी को ईडी द्वारा परेशान करना सरासर गलत है।
-दीपक कुमार, विरार

आज का सवाल?
पर्यावरण के लिए प्लास्टिक काफी नुकसानदायक है। मानसून के मौसम में पिछले सप्ताह मुंबई मनपा ने समुद्री किनारों से २०० टन कचरा साफ किया है। मुंबई के पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए क्या मुंबईकरों को मनपा की इस स्वच्छता मुहिम के साथ हाथ नहीं बंटाना चाहिए?
आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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