मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनासवाल हमारे...जवाब आपके!

सवाल हमारे…जवाब आपके!

महंगाई के बोझ से दबे आम आदमी को केंद्र सरकार कोई राहत देना नहीं चाहती। महंगाई की मार झेल रहे छोटे निवेशकों को एक बार फिर केंद्र  से निराशा हाथ लगी है। केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं में ब्याज दर न बढ़ाकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

ब्याज बढ़ाने की जरूरत
गरीब लोगों की जीविका की तरफ केंद्र सरकार की अनदेखी हो रही है। सेवानिवृत्त होने पर कई लोग अपनी सेविंग के ब्याज से ही आजीविका चलाते हैं। वेंâद्र को छोटी बचत योजना पर ब्याज बढ़ाकर इन्हें राहत देने की जरूरत है।
-श्रेयस मिश्रा, बदलापुर

सभी प्रयास जुमला
निवेशकों को आकर्षित करने के केंद्र सरकार के सभी प्रयास महज जुमला साबित हो रहे हैं। छोटी बचत योजनाओं से लाभ की आशा भी धूमिल हो गई है।
-अभिजीत सालुंखे, डोंबिवली

कुम्भकर्ण  की नींद
आम जनता के लिए केंद्र  सरकार कोई ठोस योजना नहीं घोषित कर रही है। यही वजह है कि निवेशक असमंजस की स्थिति में हैं और वित्त मंत्रालय कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है।
-रेणुका सिंह, कल्याण

 हर कोई परेशान
कोरोना की मार के बाद केंद्र सरकार की तुगलकी नीति से आम आदमी परेशान हो गया है। व्यापारियों समेत आम आदमी को लग रहा था कि सरकार की तरह-तरह की योजना में निवेश करेंगे तो उन्हें ब्याज अधिक मिलेगा। पर सरकार ब्याज दर कम करती जा रही है। सरकार लोगों की उम्मीदों पर पानी पेâर रही है, जो उचित नहीं है।
-वल्लभकांत पांडेय, अंबरनाथ

कटौती है गलत
महंगाई की मार से पूरा देश परेशान है। महंगाई से आम जनता को राहत दिलाने के लिए सरकार द्वारा आम जनता को मिलनेवाले ब्याज में बढ़ोत्तरी न कर सरकार ने गलत किया है। सरकार के इस निर्णय से आम जनता को महंगाई से परेशानी और बढ़ेगी।
-जयेश साबले, ठाणे

केंद्र सरकार फेल 
केंद्र सरकार देश की आम जनता के लिए कुछ खास करती नजर नहीं आ रही हैं। महंगाई से परेशान आम जनता को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार द्वारा ब्याज के रूप में दी जानेवाली दर में वृद्धि की जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक बार फिर केंद्र सरकार फेल साबित हुई है।
-प्रशांत लोहरे, डोंबिवली

आज का सवाल?
केंद्र सरकार की बहुचर्चित उज्ज्वला योजना का बहुत बुरा हाल है। एक हालिया सर्वे के अनुसार नागपुर में इस योजना के तहत कनेक्शन प्राप्त ४० फीसदी लाभार्थी इस महंगे सिलिंडर की रिफिल ले पाने में असमर्थ हैं और लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहे हैं। नागपुर को केंद्र सरकार का पावर सेंटर कहा जाता है। अगर वहां की स्थिति ऐसी है तो बाकी देश का हाल समझा जा सकता है।
आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

अन्य समाचार