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सवाल हमारे…जवाब आपके!

केंद्र सरकार की बहुचर्चित उज्ज्वला योजना का बहुत बुरा हाल है। एक हालिया सर्वे के अनुसार नागपुर में इस योजना के तहत कनेक्शन प्राप्त ४० फीसदी लाभार्थी इस महंगे सिलिंडर की रिफिल ले पाने में असमर्थ हैं और लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहे हैं।

योजना दम तोड़ रही
केंद्र सरकार ने गरीब महिलाओं को खाना पकाने में आसानी हो, इसके लिए उज्ज्वला योजना के तहत सिलिंडर दिए थे। आज यह योजना महंगे सिलिंडर के कारण दम तोड़ रही है। इसलिए महिलाओं ने फिर से चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है।
-रानी उपाध्याय, उल्हासनगर

सबके बस की बात नहीं
आज गैस पर खाना बनाना सामान्य लोगों के बस की बात नहीं रह गया है। सिलिंडर इतना महंगा हो गया है कि उसकी रिफिलिंग काफी मुश्किल हो गई है। हर महीने गैस के सिलिंडर का दाम बढ़ रहा है, इस कारण घर चलाना मुश्किल हो रहा है।
-ज्योति सोनवणे, अंबरनाथ

सिर्फ नाम का
उज्ज्वला योजना सिर्फ नाम का है। जिस महिला को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला है, उनके पास सिलिंडर भराने का पैसा भी होना चाहिए। सर्वे में मात्र ४० प्रतिशत ही लाभार्थी महिलाएं गैस पर खाना बनाती मिली हैं। साफ जाहिर है कि योजना सिर्फ नाम की है, काम की नहीं।
-उर्मिला सिंह, तारापुर

योजना फेल है
रसोई गैस सिलिंडर की महंगाई इतनी तेजी से बढ़ी है कि केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना पूरी तरह फेल हो गई है। नागपुर में ४० फीसदी लाभार्थी इसका लाभ उठाने में असमर्थ हैं। यह योजना केंद्र सरकार की असफलता को दर्शाती है।
-डॉ. अरुण यादव, मीरा रोड

घर चलाना मुश्किल
देश मे इन दिनों कुछ भी सस्ता नहीं है। गैस सिलिंडर की बढ़ती महंगाई के चलते खाना पकाना कठिन हो गया है। ग्रामीणों की स्थिति यह है कि लोग अब फिर से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने लगे हैं। केंद्र को रोजमर्रा की चीजों की महंगाई पर नियंत्रण करने की जरूरत है।
-प्रमिला मिश्रा, बदलापुर

असफल योजना
केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए उज्ज्वला योजना लागू की ताकि महिलाओं को खाना बनाने में परेशानी नहीं हो। इस योजना अंतर्गत पूरे देश के हर गांव में गैस व चूल्हे दिए गए। लेकिन इस योजना अंतर्गत महंगे सिलिंडर के कारण गरीब लोग फिर लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार की यह योजना पूरी तरह से असफल साबित हो रही है।
-सुनील पासवान, नालासोपारा

आज का सवाल?
मुंबई की हवा को स्वच्छ और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़-पौधे बहुत जरूरी हैं। जोड़-तोड़ की सरकार बनाने के बाद भाजपा ने पहला काम मुंबईकरों की सेहत से खिलवाड़ करने का किया है। इसके तहत मेट्रो कारशेड बनाने के लिए आरे के हरे-भरे वन काटे जाएंगे।
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